वे बातें जो होनी हैं रिआल्टो -Brother Branham Messages in Hindi

वे बातें जो होनी हैं (Things That Are To Be)

वे बातें जो होनी हैं

रिआल्टो कैलीफोर्निया, यू. एस. ए.

65-1205

1भाई बून और यह मड़ली,ये मेरे लिए यह निश्चय ही, बड़े ही सौभाग्य की बात है, कि मैं सैन बरनाडीनो में फिर से वापस आया हूँ। यह स्थान बीते हुए दिनों की अनेक महान स्मृतियाँ संजोय हुए है। और यह सुनना, कि हमारा यहाँ पर आने का अभी तक जीवित प्रभाव पाया जाता है, क्यों, निश्चय ही, यह आपको प्रसन्नता की अनुभूति कराता है, कि प्रभु ने ही वर्षों पहले इस ओर हमारा मार्ग दर्शन कराया था।मैं अभी हाल ही में बाहर उस स्थान पर बैठा हुआ था जहाँ मोटरगाड़ियाँ इत्यादि खड़ी की जाती हैं, और मैं उन घटनाओं में से किसी एक घटना को स्मरण करने की चेष्टा कर रहा था जो घटित हुई थी। फिनलैंड़ में..(मेरे फिनलैंड के अभियान पर).. श्रीमती आइजैकसन मेरी अनुवादक थीं, और जब मैं बस फिनलैंड़ को छोड़कर जा ही रहा था, तो वो मेरी कार के पास आयीं, और बोलीं, “आप फिनलैंड़ की आवाज़ हैं।” और मझे विस्मय है, कि क्या श्रीमती आइजैकसन यहीं आसपास रहती हैं। मैं नहीं जानता हूँ। मैं सोचता हूँ, कि हो सकता है, कि श्रीमती आइजैकसन आज रात्रि यहाँ पर मौजूद ना हो, हो सकता है, कि वे यहाँ पर हों? और वो फिनलैंड़ की वासी हैं।2तत्पश्चात् जो विशेष बात मुझे स्मरण आयी वह उस नौकरानी के बारे में थी जो जलपानगृह में नौकरानी थी, जहाँ मैं भोजन करता था। वह जलपानगृह यहीं आसपास है, लोग उसे एन्टर्लस होटल कहते हैं। मेरा यकीन है, कि उसका यही सही नाम है। वह बेचारी स्त्री….मैं उसके साथ प्रार्थना कर रहा था। वह बड़ी ही भली स्त्री थी; पर वह एक मसीही नहीं थी। मैंने उसे सभा में आमन्त्रित किया था। और वह एक बच्चा खो चुकी थी, और मेरा विचार है, कि वह और उसका पति अलग हो चुके थे।और हम प्रार्थना कर रहे थे, कि वह अपने पति से सुलह कर ले, या वे एक दूसरे से सुलह कर लें। अतः मुझे हैरत होती है, कि क्या वह स्त्री यहाँ पर मौजूद हो सकती है…..समझे? वह… और तब एक और जो घटना घटित हुई थी, वह यह है, कि एक छोटे से बच्चे को यहाँ पर कहीं से (दिन भर के लम्बे सफ़र की दूरी से ) लेकर आया गया था; और वह बच्चा मर चुका था, और वह बच्चा अपनी ही माँ की बाँहों में लेटा हुआ था, और वह यहाँ पर फिर से जिन्दा हुआ था। क्या वह….क्या वह व्यक्ति यहाँ पर उपस्थिति है? और मेरा विश्वास है, कि वह ऊपरी प्रांत से—कहीं आसपास से ही आया था….जो यहाँ से ऊपर है। और उसकी माँ और उसके पिता ने सारी रात भर मोटरगाड़ी चलायी। और वह माँ उदासी सहित अपने मरे हुए बच्चे को लिये हुए वहाँ पर बैठी हुई थी;

और मैंने सोचा, ऐसा विश्वास! अगर मैं संसार का सबसे बड़ा ढ़ोंगी होता, तो परमेश्वर ने इस माँ के विश्वास को सम्मानित किया होता। मैंने उस छोटे से बच्चे को अपने हाथों में इस तरह से उठाकर प्रार्थना की; और उस बच्चे में गर्माहट आ गई, और वह हरकत करने लगा, और उसने अपनी नन्हीं नन्हीं आँखें खोलीं। मैंने उसे वापस उसकी माँ को सौंप दिया। वे यहाँ पर कहीं से आये थे। हालांकि मैं यह नहीं सोचता हूँ, कि वे पिन्तेकोस्तल थे, वे तो बस…मैं सोचता हूँ, कि वे किसी तथाकथित कलीसिया से थे….मैं यह भी नहीं जानता हूँ, कि वे मसीही थे, या नहीं। मैंने उनसे यह बात । कदाचित न पूछी थी। मैं तो उस छोटे बच्चे के फिर से जिन्दा हो जाने के कारण बहुत ही ज्यादा हर्षित था।भाई बून तब से बहुत सी बातें हो चुकी हैं, लेकिन हम अभी भी उसी परमेश्वर की सेवा कर रहे हैं जो कल, आज, और युगायुग एक सा ही रहता है।3मैं बस चारों ओर दृष्टि डाल रहा हूँ, और मैं भाई लेरॉय कोप्प को यहाँ पर बैठा हुआ देख रहा हूँ। ऐसा पहली बार है, कि मैंने उन्हें बहुत समय के बाद देखा है। (भाई ब्रन्हम भाई कोप्प से बातचीत करते हैं-सम्पा.) पॉल, यह सही है, कि लेरॉय आपके पिता थे, यह सही बात है। ओह, मेरे परमेश्वर, रूस! खैर, वह था….मैं जानता हूँ, कि यदि यह साहसी यौद्धा वहाँ पर है, तो वह वहाँ पर महाराजा के काम पर ही लगा हुआ है। सो मैं यहाँ पर होने के लिए और इस युवा सेवक से, जो यह कह रहा था, कि वह उस सेवकाई से जो हमारी यहाँ पर रहते हुए थी, प्रेरित हुआ था, सुनने के लिए निश्चय ही आनन्दित हूँ। यह क्या ही महान रोमांच है।और अब मैं विश्वास कर रहा हूँ, कि हम जानते हैं, कि हमारे पास है…लोग खड़े हुए हैं, और हम उन्हें बहुत ज्यादा देर तक रोक कर नहीं रखेंगे। हमें ये बड़ी बड़ी चंगाई सभाऐं स्मरण हैं।4अब, मैं समझता हूँ, कि यहीं पर कही आसपास पड़ोस ही में एक भाई-भाई लेरॉय जेनकिन्स एक चंगाई-अभियान कर रहा है। मैं सोचता हूँ, कि यह सही बात है। अतः मैं प्रभु का अत्याधिक धन्यवादित हूँ, और विश्वास कर रहा हूँ, कि प्रभु उसे आशीषित कर रहा है, और उसे उत्तम अति उत्तम सभा प्रदान कर रहा है। यह है, कि….मैं इस प्रकार की कलीसिया में आने के लिए आज रात्रि वास्तव में एक सम्मान की बात अनुभव करता हूँ। मुझे हमेशा ही उन सभागारों की अपेक्षा कलीसिया(चर्च) के अंदर बहुत ही अच्छा लगता है। अब, मैं उन सभागारों के बिलकुल भी विरोध में नहीं हूँ। परन्तु आप जानते हैं, कि मैं….हो सकता है, कि यह एक अंधविश्वास हो, या यह मुझे सच्चाई के जैसा ही लगता हो। देखिए, वे…आप उन सभागारों में जाते हैं जहाँ मल्लह-युद्ध, कुश्तियाँ, हास्यनाटक, और इसी तरह का सब कुछ चलता रहता है, और ऐसा लगता है, कि मानो उन स्थलों के चारों ओर दुष्ट आत्माएँ टिकी हों। अब, हो सकता है, कि यह एक अंधविश्वास हो, पर यह है नहीं। यह है….परन्तु अक्सर ऐसा होता है, कि जब आप किसी गिरजे में आते हैं, जहाँ एक आत्मिक मंड़ली होती है, तो आप वहाँ पर वैसे ही और भी ज्यादा स्वतन्त्रता महसूस करते हैं जैसा कि आप यहाँ पर करते हैं। वहाँ पर कुछ ऐसा है, कि परमेश्वर की उपस्थिति वहाँ पर होती है….?…यह बिलकुल अलग ही लगती है। मैं नहीं जानता हूँ, कि भवन का क्या प्रभाव पड़ता है,

परन्तु यह तो वह है जहाँ लोग जमा होते हैं। वास्तव में वे वाले लोग ही किसी दूसरे स्थान पर हो, परन्तु वे उन बुरे स्थलों पर हों। हो सकता है, कि यह मेरे सोचने का ढंग हो, परन्तु कुछ भी हो, मैं आज रात यहाँ पर होने के लिए आनिन्दत हूँ।5और अब, हम आपको बहुत ज्यादा देर तक रोक कर नहीं रखना चाहते हैं, क्योंकि लोग खड़े हुए हैं। और कल रात्रि को हम कहीं और किसी जगह जा रहे हैं। मैं यह भी नहीं जानता हूँ, कि यह कहाँ पर है। वह इसी जगह के समीप है, हम कल रात्रि की सभाओं के लिए ऑरेन्ज़ शो ओडिटोरियम जा रहे हैं। मैं था…यह एक बीच का है….मैं बिजनैसमैन..(फुल गोस्पल बिजनेसमैन समूह) के लिए एक दौरे पर बोल रहा होऊँगा, और मुझे उनके लिए संसार में चारों ओर बोलने का सौभाग्य मिला है। और अतः यहाँ पर हमें हमारे एक प्रिय मित्र ने आमन्त्रित किया है। और आज रात्रि हम यहाँ पर एकत्र होने के लिए आनन्दित हैं।अब इससे पहले कि हम बाइबिल खोलें…अब देखिए, कोई भी वह व्यक्ति जिसके पास शारीरिक ताकत है, वह इसे इस प्रकार खोल सकता है(समझे?) परन्तु यह तो पवित्र आत्मा ही है जो हमारे लिए वचन खोलता है, जो हमारी समझ खोलता है और पवित्र वचनों का खुलासा करता है। मैं बाइबिल पर विश्वास करता हूँ। मैं विश्वास करता हूँ, कि यह परमेश्वर का वचन है। और मैं विश्वास करता हूँ, कि किसी दिन पृथ्वी और पृथ्वी के लोगों का न्याय इसी वचन के द्वारा ही होगा। अब, ऐसा है… हो सकता है, कि यह बात अजीब सी लगती हो। अब, बहुत से हैं जो इस विचार से असहमत है।6अधिक समय नहीं हुआ है, कि मैं अपने एक निष्ठावान मित्र से, जो कि कैथोलिक है, बातचीत कर रहा था, और उसने कहा था, “परमेश्वर जगत का न्याय कैथोलिक कलीसिया के द्वारा करेगा।” यदि ऐसा ही है, तो यह कौन सी कैथोलिक कलीसिया है जिसके द्वारा ऐसा होगा? समझे? यदि वह इसका न्याय मैथोडिस्ट के द्वारा करता है, तो फिर बैपटिस्ट का क्या होगा? समझे? और यदि वह इसका न्याय किसी एक के द्वारा करता है, तो दूसरी तो नाश ही हो जायेगी। अतः वहाँ पर बहुत ज्यादा गड़बड़ी है। परन्तु हमें तो बाइबिल का अध्ययन करना चाहिए, कि हम अपना सत्य कथन ढूंढ़ सकें, और बाइबिल कहती है, कि परमेश्वर इस जगत का न्याय यीशु मसीह के द्वारा ही करेगा। और वह वचन है; संत यूहन्ना 1: “आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। और वचन देहधारी हुआ और उसने हमारे मध्य में डेरा किया..”.और इब्रानियों 13:8 कहता है, कि वह कल, आज, और युगानुयुग एक सा है।“ ओर में विश्वास करता हूँ, कि यह सच है।अब, मैं इस पर विश्वास करता हूँ, कि….7परमेश्वर, आरम्भ में ही अनन्त परमेश्वर होने के कारण…वह सीमित है..या वह असीमित है, वरन हम सीमित हैं। उसकी समझ तो अत्यन्त विशाल है; हम अपने छोटे से सीमित मस्तिष्क से उसकी महान अनन्त बुद्धि नहीं समझ सकते हैं।

परन्तु इसी कारण जब वह कुछ कहता है, तो हो सकता है, कि हमें पवित्र वचनों में उसे किसी बात को कहते हुए सुनना बड़ा ही अजीब सा लगता हो, परन्तु उस बात को तो घटित होना ही होता है। मैं विश्वास करता हूँ, कि उसकी बातें कभी नहीं टलेंगी; यही कारण है, कि मैं विश्वास करता हूँ, कि परमेश्वर जानता है, कि हम अपने इस छोटे से व सीमित मस्तिष्क के द्वारा उसकी महान समझ का बखान नहीं कर सकते हैं। वह तो स्वयं ही अपने वचन का अनुवाद करता है। उसे किसी अनुवादक की कोई आवश्यकता नहीं है। वह उस वचन को अपने ही समय में प्रमाणित करने के द्वारा अपने वचन का अनुवाद करता है।

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