लेपालकपन #1 -Adoption |William Branham Messages in Hindi

लेपालकपन #1

जेफरसनविले, इंडियाना, यूएसए

60-0515E

1खैर, जैसा मैंने सदैव ही कहा है, वैसा ही मैं अब कहता हूँ, ”जब लोगों ने मुझसे कहा, कि आओ हम प्रभु के भवन को चले तो मैं आनन्दित हुआ।” मैं सोचता हूँ कि यह दाऊद था जिसने एक बार यह वक्तव्य दिया था, कि “आओ हम प्रभु के भवन को चलें ।”

मैं प्रभु के भवन से बढ़कर और कोई ऐसा स्थान नहीं जानता हूँ कि जहाँ जाया जाए?अब, आज रात्रि यहाँ पर हमारे कुछ मित्र हैं, वे सभी जोर्जिया से आए हैं। वे शायद आज रात्रि- भोज के उपरान्त वापस जोर्जिया की ओर वाहन चलाकर जा रहे होंगे और फिर हम …

मैं आशा करता हूँ कि उनमें से कुछ लोग जो वहाँ से आए हैं यहीं पर ठहरेंगे । और जो कमरे हमारे पास हैं वे आपके लिए खुले हुए हैं।और इसके बाद हम बुधवार रात्रि को भी अध्ययन करना जारी रखेंगे, और फिर यदि प्रभु ने चाहा, तो हम अगले रविवार को भी अध्ययन करेंगे ।2और इसके बाद केथेयूक्यू में दिनांक 6 को सभा आरम्भ होनी हैं। हम केथेयूक्यू में एक महान समय की आशा कर रहे हैं, अत: जिनके पास छुट्टियाँ हैं वे वहाँ के लिए योजना बना लें। यह वह स्थान है जहाँ सदैव ही हमारा एक शानदार समय होता है। हमारे पास वहाँ अति विशाल भीड़ नहीं होती है…

उसमें लगभग आ सकते हैं …मैं सोचता हूँ कि हम उसमें दस हजार लोगों को तो आसानी से स्थान दे सकते हैं, परन्तु मैं अक्सर सोचता हूँ कि गत वर्ष उसमें लगभग सात हज़ार के आस- पास या कुछ इतने ही लोग थे। वहाँ पर सीटे खचाखच भरी हुई थीं, लेकिन वहाँ पर लोगों के खड़े होने के लिए काफ़ी स्थान था। और अब उसमें से सारी सीटें बाहर निकाल दी गई हैं। अतः हम वहाँ पर होनेवाली सभा की बाट जोह रहे हैं।3और हम यहाँ पर अपने कई प्रचारक भाइयों को देखकर प्रसन्न हैं। मैं-मैं यहाँ पर इस प्रचारक भाई का नाम कभी नहीं सोच सकता हूँ;

भाई हयूमस और बहन हयूमस, क्या ये आप हैं जो ठीक यहाँ पर बैठे हुए हैं और क्या ये आपके बच्चे हैं जो यहाँ बैठे हुए हैं? हम आप लोगों को यहाँ पाकर प्रसन्न हैं, हम इस प्रचारक को यहाँ पाकर प्रसन्न हैं। और दूसरे प्रचारक जो यहाँ पर हैं वे आई पेट, आई डेलटन, आई बीलर, ओह बहुत से प्रचारक भाई यहाँ पर हैं। और कुछ ही क्षण पहले मैंने भाई कोलिन्स को यहाँ पर देखा था । और यह एक प्रकार से मुश्किल है कि उन सभों का नाम लेकर पुकारा जाए ,

परन्तु हम आपको आज रात्रि प्रभु के भवन के अन्दर पाकर आनन्दित हैं। ये अति बहुमूल्य भाई नेविल मेरे साथ प्रार्थना करने के लिए यहाँ पीछे बैठे हुए हैं जबकि हम वचन सिखाने जा रहे हैं। हम चार्ली, और बहन नेली और उनके छोटे बच्चों को आज रात्रि यहाँ देखकर प्रसन्न हैं। यह है…बाइबिल पर शिक्षा देना आम तौर से बहुत ही…जी हाँ, भाई वेल्व, मैं बस…आप ही को ढ़ूँढ रहा था, मैं इस समय आपको वहाँ पीछे बैठे हुए देखता हूँ ।4आप जानते हैं, कि बाइबिल पर शिक्षा-देना अक्सर जोखिम भरा होता है, यह एक प्रकार से किसी बारीक बर्फ के ऊपर चलने जैसा होता है, हम इसे यही कहते हैं; परन्तु हो सकता है कि हम ऐसा ही अनुभव करते हों; परन्तु मैं सोचता हूँ, कि इस स्थिति में और इस समय में कलीसिया को सम्पूर्ण समझ, और यीशु मसीह में हमारा क्या स्थान है, के विषय में बताना एक प्रकार से अच्छा होगा। और कभी- कभी मैं सोचता हूँ कि प्रचार करना एक शानदार बात है, परन्तु भाई बीलर, कभी-कभी मैं सोचता हूँ कि शिक्षा देना या अध्यापन करना उससे कहीं आगे तक जाता है; और विशेषकर कलीसिया के लिए !

अब देखिए, आम तौर से यह होता है कि प्रचार तो पापी का ध्यानाकर्षण करता है, और उसे वचन के द्धारा स्वयं को दोषी मानने पर लेकर आता है। परन्तु शिक्षा (अध्यापन) मनुष्य को ठीक- ठीक उस स्थिति में लेकर आती है कि वह क्या है। और सही मायनों में हमारे पास कदाचित तब तक विश्वास नहीं हो सकता है, जब तक हम अपने स्थान को जानते हुए यह न जान जाएँ कि हम क्या हैं।5अब देखिए; यदि यहाँ का यह उन्नतशील देश संयुक्त राज्य अमेरीका मुझे इस देश के राजदूत के रुप में किसी सरकारी कार्य पर रुस भेजता है, तो वे सभी ताकतें जो संयुक्त राज्य अमेरीका की हैं मेरे पीछे होती हैं। यदि मेरी संयुक्त राज्य के रुप में पहचान हो गई है;

तो मेरी बात संयुक्त राज्य अमेरीका की बात के जैसी होती है।और यदि परमेश्वर ने हमें अपना राजदूत होने के लिए भेजा है, और हम सुचारु रुप से अभिशिक्त किए हुए हैं और लोगों के लिए सुसमाचार दूत के रुप में भेजे गए हैं, तो वे सभी सामर्थ जो स्वर्ग में हैं, वे सभी सामर्थ जो परमेश्वर की हैं, और उसके सभी स्वर्गदूत तथा उसकी सभी सामर्थ हमारे वचन के समर्थन में रहती हैं। परमेश्वर को तो उस वचन को मान्य ठहराना होता है, क्योंकि उसने गम्भीरतापूर्वक यह लिखा है, “जो कुछ तुम पृथ्वी पर बाँधोगे वह स्वर्ग में बँधेगा, जो कुछ तुम पृथ्वी पर खोलोगे वह स्वर्ग में खुलेगा और मैं तुम्हें राज्य की कुँजियाँ ढूँगा।” ओह, ऐसी महान प्रतिज्ञाएँ उसने कलीसिया को दी हैं!6और मैं सोचता हूँ, कि इस प्रात: यहाँ पर इसे सुनने के लिए आप में से वे बहुतेरे लोग हैं जो यहाँ पर उस दूसरे दिन थे जब मैंने अपने नम्र व सरल तरीके से उस दर्शन के विषय में समझाने की चेष्टा की थी जो मैंने स्वर्ग का देखा था ।मैं किसी भी रीति से किसी उस बात पर कभी कोई सन्देह करने की चेष्टा नहीं करुँगा जो मुझे किसी ने बताई है, कि वह बात उन्हें परमेश्वर ने बताई है। यदि मैंने उसे वचन में भी नहीं देखा होता, तौभी मैंने उसका विश्वास किया होता;

मैं ऐसे में भी उस भाई की बात का विश्वास करता। मैं-मैं वैसे तो बाइबिल पर ही अटल रहता हूँ, लेकिन फिर भी मैं यह विश्वास करुँगा कि हो सकता है कि उस भाई ने इसे किसी प्रकार से गलत समझा हो; हो सकता है कि वह थोड़ी उलझन में पड़ गया हो। और अभी भी मैं विश्वास करुँगा कि वह …वह मेरा भाई ही बना रहेगा।7और यदि मेरे हृदय के अन्दर कोई बात ज्वलन्त होती है; और मैं आशा करता हूँ कि वह मुझे आने वाले वर्षों में नहीं छोड़ती है, तो वह वो ही है जो गत रविवार की प्रात: घटित हुआ था – जो बतौर एक सप्ताह घटित हुआ था, उसे मैं कभी नहीं भूलूँगा। इसने मेरे साथ कुछ ऐसा किया है कि इसने मेरे जीवन को प्रकाशित करके रख दिया है। मैं-मैं भयभीत नहीं हूँ। मुझे -मुझे मृत्यु का लेशमात्र भय नहीं है।

मृत्यु का तो कोई डर है ही नहीं। और यदि आप इसे समझ जाते हैं तो आप मृत्यु से भयभीत नहीं होंगे। अब, हो सकता है, यदि…इसे जानने के लिए आपको इसका अनुभव होना चाहिए, क्योंकि इसका उल्लेख करने का कोई तरीका ही नहीं है। आप इसके लिए अंग्रेज़ी शब्दकोष या अन्य किसी शब्दकोष में शब्द में नहीं पा सकते हैं, क्योंकि यह तो अनन्तता है; यह कोई बीता हुआ कल नहीं है, यह कोई आनेवाला कल नहीं है, यह तो सदैव ही वर्तमान काल है। और यह ये नहीं है, कि ”अभी तो मैं बहुत ही अच्छा अनुभव करता हूँ और फिर अब से एक घन्टे बाद आप यह कहें, “अब मैं उतना अच्छा सा अनुभव नहीं करता हूँ” और फिर उससे अगले घन्टे बाद आप यह कहें, ”अब मैं फिर वैसा ही अच्छा सा अनुभव कर रहा हूँ।”

यह तो सभी समय वर्तमान काल ही रहता है। समझे ? बस उसकी तो वह महिमामय शान्ति और वह कोई बात कभी नहीं घटती है ।8और वहाँ कोई पाप नहीं हो सकता है, वहाँ कोई ईर्ष्या नहीं हो सकती है, वहाँ कोई बीमारी नहीं हो सकती है- इस प्रकार की कोई भी बात स्वर्गीय तट तक कभी पहुँच ही नहीं सकती है। और यदि मैं इसे कहने का सौभाग्य ले लेता हूँ जिसे कहने का मेरा सौभाग्य नहीं है, यदि मैं ऐसा करता हूँ, तो मैं प्रार्थना करता हूँ कि परमेश्वर मुझे क्षमा करे । परन्तु यदि मुझे सौभाग्य हुआ है, और यह ये था कि परमेश्वर ने ही मुझे ऊपर उठा लेने दिया था, ताकि मैं कुछ देख सकूँ; और मैं उसे पहला स्वर्ग ही कहूँगा ।

और फिर मैं विश्वास करता हूँ बाइबिल में एक व्यक्ति ही दिया हुआ है जिसके साथ ऐसा ही हुआ था, मेरा विश्वास है कि यह पौलुस था जो तीसरे स्वर्ग तक ऊपर उठा लिया गया था। और यदि पहले स्वर्ग में इतनी महिमामय बातें थीं, तो तीसरे स्वर्ग में तो क्या कुछ होगा ? इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि वह इसके विषय में चौदह वर्षों तक नहीं बोल सकता था ! उसने कहा था कि वह नहीं जानता है कि जब ऐसा हुआ था तो वह देह में था या देह रहित था। मैं अपनी तुलना उस महान प्रेरित की सेवकाई से करने की चेष्टा नहीं करता हूँ; या मैं स्वयं को कुछ वैसा दिखाने की चेष्टा नहीं कर रहा हूँ जैसा वह था; परन्तु मैं उसके साथ यह कह सकता हूँ, कि मैं नहीं जानता हूँ कि जब ऐसा हुआ था तो मैं देह में था या देहरहित था। इसके विषय में तो केवल एक ही बात है, कि यह तो इतना अधिक वास्तविक था जैसा मैं आपको देख रहा हूँ।

9और मैं सदैव ही इसके विषय में आश्चर्य करता था, कि यदि मैं गुजर गया होता, और मैं अपने पास किसी बादल को, किसी आत्मा को उड़ते हुए देखता होता तो मैं कहता, “देखो वे जो भाई और बहन जा रहे हैं, वे चार्ली और नीली हैं। वहाँ जो जा रहे हैं वे भाई स्पेंसर और बहन स्पेंसर हैं।” यह सदैव ही मुझे कठिनाई में डाल देता था। मैं सोचता था, कि यदि मेरी आँख कब्र में हैं; और सड़ गल रही हैं; यदि मेरे पास सुनने के लिए कान ही नहीं रहते हैं, और मेरे लोहू को निकालकर लोगों ने इसे मसालों इत्यादियों के द्वारा संरक्षित कर दिया है, और यह जल में है या भूमि के अन्दर है और मेरी मानसिक तन्त्रिकाएँ और मेरे मस्तिष्क की सभी कोशिकाएँ मृत हो चुकी हैं; तो कैसे मैं ऐसा ही और अधिक रहूँगा वरन मैं तो एक आत्मा ही होऊँगा जो यहाँ वहाँ उड़ रही होगी ?

और इससे मैं परेशान सा हो जाता था|कि मैं यह कैसे कहना चाहूँगा, “हैलो, भाई पैट, ओह मुझे आपको देखकर अति प्रसन्नता हुई है तो भाई नेविल, कैसे मैं आपको देखना चाहूँगा।” परन्तु मैं सोचता था, ”अच्छा, यदि मेरे पास ऐसा कुछ है ही नहीं जिससे मैं देख सकूँ, यदि मेरे पास बोलने के लिए मुँह ही नहीं है, तो मैं यह कैसे कह सकूँगा, “हैलोभाई पैट, हैलो भाई नेविल’ या हाय चार्ली” या ऐसा ही कुछ कैसे कह सकूँगा, जबकि मेरा मुँह तो सड़गल चुका है, मिट्टी में मिल चुका है?10परन्तु अब मैं जानता हूँ कि मेरा वह सोचना गलत था, क्योंकि वचन में ही यह लिखा है’, जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिर जाएगा, तो हमें एक ऐसा भवन मिलेगा जो हमारी पहले से ही प्रतीक्षा कर रहा है’; और मैं कहता हूँ कि यह बात इसकी विरोधाभासी नहीं है। तब हमें एक और भवन मिलता है जिसमें आँखें, कान, होंठ व मानसिक चेतनाएँ होती हैं । यदि यह पृथ्वी के डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा !” तो हमें एक ऐसा भवन मिलेगा जो एक ऐसा शरीर होता है;

जो अनुभव कर सकता है, जो बातें कर सकता है ।और यह बात अभी- अभी मेरे मन में आई है, मूसा भी मरा हुआ था और वह आठ सौ वर्ष से उस अचिन्हित कब्र में था, और एलीशा पाँच सौ वर्ष पहले ही स्वर्ग पर उठा लिया गया था, लेकिन वे यीशु के रुपान्तरण वाले पहाड़ पर यीशु से बातचीत करते हुए पाए गए थे।11शमूएल के मरने के उपरान्त कम से कम तीन से पाँच वर्ष बाद भी जब इन्दोर की भूतसिद्धि करनेवाली स्त्री ने उसे ऊपर बुला लिया था, तो वह स्त्री शाऊल के सम्मुख गिर पड़ी थी, और कहा था, ”तूने मुझे क्यों धोखा दिया है ? तू तो शाऊल है।” उसने कहा था, “मैं देवता देखती हूँ।” आप देखिए, वह तो एक मूर्तिपूजक थी, और उसने कहा था, ”मुझे एक देवता पृथ्वी में से चढ़ता हुआ दिखाई पड़ता है।”और शाऊल उसे अभी भी नहीं देख सकता था, और उसने कहा, उसका रुप कैसा है, वह कैसा दिखाई देता है ? तू मुझे उसका उल्लेख कर ।”और उसने कहा, ”वह पतला दुबला है, और उसके कन्धे के ऊपर एक बागा है।

”शाऊल ने कहा, ”यह तो शमूएल नबी है, तू उसे यहाँ मेरे सामने ला ।” मैं आपका ध्यान इस पर दिलाना चाहता हूँ कि तब शमूएल के व्यक्तित्व में कोई कमी नहीं आई थी । वह अभी भी भविष्यद्वक्ता था, उसने शाऊल को बिलकुल ठीक- ठीक बता दिया था, कि अगले दिन क्या होने वाला है ।अत: आप देखिए, कि मृत्यु हमें पूरी तरह से घटा नहीं देती है जैसा कि हम कब्र पर रोते हैं, और विलाप और शोक करते हैं। यह तो बस हमें एक स्थान से ….ले जाती है…आयु क्या है? यदि मैं एक और घन्टा जीवन व्यतीत करता हूँ, तो मैं कई सोलाह वर्षीय व्यक्ति से अधिक समय तक जीवित रहूँगा। मैं कई पाँच वर्षीय व्यक्ति से अधिक समय तक जीवित रहूँगा। आयु कुछ नहीं है। हम तो किसी एक उद्देश्य के लिए, किसी कार्य को करने के लिए विद्यमान हैं।12अच्छा अब देखिए; यहाँ पर ये कई सुन्दर- सुन्दर माताएँ बैठी हुई हैं; उनमें से कुछ तो साठ या सत्तर वर्षीय हैं, जो यह कहेंगी, “अच्छा भाई ब्रहम; मैंने क्या किया है ?” आपने अपने बच्चों का पालन पोषण किया है । आपने वह किया है जो आपको करना चाहिए था ।यहाँ पर कुछ वृद्ध पिता बैठे हुए हैं जो यह कहें, “अच्छा, मैंने तो बस खेतों की जुताई ही की है। मैंने तो यह किया है। मैंने तो कभी प्रचार नहीं किया है; परन्तु आपने वही किया है जो करने के लिए आपको परमेश्वर ने भेजा था। आपके लिए एक स्थान है।13कल मैं एक वृद्ध चिकित्सक से, अपने चिकित्सक मित्रों में से एक से जो कि मेरा बहुत अच्छा मित्र है; बातें कर रहा था; वह अस्सी या कुछ इतनी ही वर्षीय आयु का है। और उनकी साली आज रात्रि यहाँ गिरजे में है, और वह बस उनके विषय में कुछ थोड़ी सी चिन्तित थी ।

और मैं उनसे मिलने के लिए गया । और ज्यों ही उनसे बातें करने लगा त्यों ही वे प्रसन्न हो उठे; और उन्होंने मुझे अपने एक शिकार के दौरे के विषय में बताया जो उन्होंने कई वर्ष पूर्व कोलरेडो में किया था; यह कोलरेडो ठीक वही प्रान्त है जहाँ मैंने शिकार किया है। ठीक वैसे ही चमकीला! और मैंने उनसे पूछा, “डॉक्टर, आप कब से अभ्यास कर रहे हैं ?”उन्होंने उत्तर दिया, “जब तुम्हारा लालन पालन ही हो रहा था;” और बहुत सी बार तो मैंने ऐसे अभ्यास किया है, कि मैं बग्गी लेकर अपने घोड़े पर काठी कसकर चल देता था। मैं एक छोटा सा थैला लेकर चल दिया करता था ।”और मैंने कहा, “जी हाँ, आप तट की पगडंडी पर सुबह- सुबह दो बजे अपनी लाइट चमकाते हुए चले जाते होंगे; और उस घर को खोजने का यत्न कर रहे होते होंगे जहाँ कोई छोटा शिशु पेट के दर्द से पीड़ित होता होगा या कोई माँ प्रसव पीड़ाओं में होती होगी ।” यह सच है ।”

14और मैंने कहा, “डाक्टर, आप जानते हैं, कि मरनहारता और अमरनहारता के बीच पृथक्करण करनेवाली रेखा के पास परमेश्वर ने उन बुजुर्ग डॉक्टरों के लिए जिन्होंने इस प्रकार सेवा की है, बहुत सी भली वस्तुएँ रखी हैं ।”उनकी आँखों में बड़े- बड़े आँसू आ गए, और वे रोने लगे, और उन्होंने अपने क्षीण हाथों को ऊपर उठाया, और कहा, ”भाई, मैं ऐसी ही आशा करता हूँ।” इस दुनिया के पार परमेश्वर मनुष्य के प्राण का न्याय करता है, वह उसका न्याय करता है जो मनुष्य होता है ।इसके बाद मैंने उन्हें सन्तोष देनेवाला वचन बताया । वे बहुत सी बार रातों में उन अंधेरे भरे धूलयुक्त मैदानों में अपनी बग्गी हांके चले जाते होंगे, और किसी की सहायता करने का यत्न कर रहे होते होंगे, हो सकता है कि उन्हें इसके लिए कभी एक कौड़ी भी न मिलती हो, परन्तु यह सब ठीक है। मैंने कहा, “यीशु ने पवित्र वचनों में कहा है, कि ‘धन्य हैं वे जो दयावन्त है, क्योंकि उनपर दया की जाएगी ।’ और यह सत्य है।15और यदि परमेश्वर मुझे इसकी अनुमति देता है; तो आज रात्रि हम कलीसिया को इन तीन पाठों में बैठाना चाहते हैं, कि कैसे और क्या देखें, और हम क्या हैं । हम पौलुस की इफिसुस की पत्री की पुस्तक के पहले अध्याय से ही अध्ययन आरम्भ करने जा रहे हैं। और हम अपने अगले तीन अध्ययनों में इसके पहले तीन अध्यायों को लेंगे;

यदि हो सका तो हम प्रत्येक संध्या को एक अध्याय को लेने का यत्न करेंगे। हम इनका अध्ययन आज रात्रि को, और बुधवार को, और आगामी रविवार प्रात: को करेंगे । अब हम इफिसियों के पहले अध्याय का अध्ययन करेंगे । अब जैसा कि हम इसका एक साथ मिलकर अध्ययन करते हैं, मैं यह कहना चाहूँगा, कि इफिसियों की यह पुस्तक पुराने नियम की यहोशू की पुस्तक के पूर्ण रुपेण तुलनात्मक है । इफिसियों; अर्थात् इफिसियों की पुस्तक ऐसी ही है।16अब स्मरण रखिएगा, कि यदि ऐसा होता है, कि हम आपकी शिक्षा से थोड़ा सा हट जाते हैं, तो बस आप हमें क्षमा करें, और कुछ देर के लिए हमारे साथ यहीं पर रुके रहें। अब इससे पहले कि हम इसे खोलें, आइए हम उससे सहायता करने के लिए कहें, जबकि हम अपने सिर झुकाते हैं।

प्रभु, हम आपके पवित्र व पुनीत पवित्र वचन जो कि समस्त आकाश और पृथ्वी से कहीं अधिक सुरक्षित है; की ओर बढ़ रहे हैं। हम सब इस वचन में जो कि बाइबिल कहलाता है, यह पढ़ते हैं, कि “आकाश और पृथ्वी दोनों टल जाएँगे; परन्तु मेरा वचन कभी नहीं टलेगा ।” फिर यह है कि आज रात्रि मैं इस पुनीत घड़ी में आपके लोहू की खरीद के समक्ष इस मंच पर आया हूँ । यहाँ आज रात्रि वे अमूल्य प्रिय मरनहार लोग बैठे हुए हैं, जो उस प्रत्येक छोटी सी छोटी आशा को जिन्हें वे पकड़ सकते हैं पकड़ रहे हैं, ताकि उस (अनन्त) जीवन में जो आने को है कायम रह सकें। होने पाए कि आज रात्रि यह इतना अधिक पर्याप्त हो, कि यहाँ पर प्रत्येक विश्वासी अपना स्थान देखने पाए। प्रभु, हर एक वह व्यक्ति जो अभी तक इस महान संगति में नहीं आया है,

वह अपने को (परमेश्वर के) राज्य की ओर बढ़ाए; और तब तक द्वार खटखटाता रहे जब तक कि द्वारपाल द्वार नहीं खोल देता है। आप इस प्रार्थना को ग्रहण कीजिए।17हम यहाँ पर यह पढ़ रहे हैं, कि बाइबिल किसी व्यक्ति के निजी अनुवाद के लिए नहीं है। परमेश्वर; यदि मैं आपका सेवक या आपका और कोई सेवक कभी बाइबिल में अपना निजी अनुवाद घुसाने की चेष्टा करता है, तो आप उसे रोकें । हम बस इसे पढ़ें और इसका ठीक वैसे ही विश्वास करें जैसा यह लिखा हुआ है। और विशेषकर हम जो झुण्ड़ों के चरवाहे हैं, ऐसा ही करें; क्योंकि हम पास्टर किसी दिन वहाँ ऊपर उस महिमामय देश में अपने अपने छोटे-छोटे झुण्ड़ों के साथ प्रभु यीशु की उपस्थिति में खड़े होंगे, और हम पौलुस की पीढ़ी को और पतरस की पीढ़ी को; और लूका की पीढ़ी को, और मत्ती की पीढ़ी को देखेंगे, और उनका न्याय उनकी पीढ़ी के साथ होते हुए देखेंगे। परमेश्वर, यह प्रदान कीजिए कि जब मैं नम्रतापूर्वक रेंगते हुए आपके चरणों की ओर आता हूँ, और अपने हाथों को आपके चरणों पर रखता हूँ, तो आपके चरणों पर दसयों लाख विजय-स्मारक रख सकें, और यह कह सकें, कि ”प्रभु, ये आपके हैं।18हे परमेश्वर; आप हमें नए सिरे से अपने आत्मा से, और अपने प्रेम से और अपनी भलाइयों से भर दीजिए।

और होने पाए, कि हम ठीक वैसे ही कहें जैसा कवि ने कई वर्ष पूर्व अपने गीत में अभिव्यक्त किया था, कि “प्रिय मर रहे मेमने, तेरे अनमोल लोहू की तब तक सामर्थ कम न होगी जब तक कि पाप में जकड़ी हुई परमेश्वर की कलीसिया पूरी तौर से पाप से मुक्त नहीं हो जाती है ।” और तब से विश्वास के ढलत्ररा मैंने वह सोता देखा जो कलवरी से बहते तेरे घाव ने प्रदान किया; छुटकारा देनेवाला प्रेम मेरा मूल विषय है और तब तक रहेगा जब तक मेरी मृत्यु न हो जाए। फिर वह आगे यह कहता है, ”जब यह बेचारी तुतलानेवाली, बुदबुदानेवाली जीभ कब्र में शान्त लेटी होगी, तो मैं उसकी बचानेवाली सामर्थ के गीत गाऊँगा ।”

यह है, कि आपके बच्चों के लिए कब्र में कोई मृत्यु नहीं होती है। यह तो केवल वह विश्राम स्थान है। या हमारे छिपने का वह स्थान है, जहाँ यह मरनहार अमरता को पहन लेता है ।।और प्रभु; यह होने पाए कि आज रात्रि हम इसे स्पष्ट रुप से ठीक वैसा ही देखें जैसा यह हमें वचन में दिया गया है। प्रभु, हमें समझ प्रदान कीजिए। प्रभु, आप हमें हमारे कार्य स्थान पर सुव्यवस्थित कीजिए; ताकि हम सत्यनिष्ठापूर्वक आपकी तब तक सेवा करते रहें जब तक कि आप आ नहीं जाते हैं। हम यह यीशु के नाम में होकर यीशु की खातिर ही माँगते हैं।

आमीन!19अब देखिए, इफिसियों की पुस्तक देखिए; जैसा कि मैं कह रहा था; …मेरी राय में तो यह नए नियम की श्रेष्ठतम् पुस्तकों में से एक है। यह हमारी आगे की ओर अगुवाई करती है। केल्विनवाद एक पांव पर दौड़ता है; और अरमेनियम वाद दूसरे पांव पर दौड़ता है, परन्तु इफिसियों की पुस्तक इन्हें एक साथ जोड़ती है; और (सच्ची) कलीसिया को उसके यथास्थान पर सुव्यवस्थित करती है ।अब देखिए, मैंने इसको यहोशू की पुस्तक के साथ तुलना की है। यदि आप ध्यान दें, तो आप देखेंगे, कि इस्राएल को मिस्र से बाहर लाया गया था; और उनकी यात्राओं की तीन प्रवस्थाएँ थीं । पहली प्रवस्था मिस्र को छोड़ना थी । इससे अगली प्रवस्था जंगल में यात्रा करना थी और उससे अगली प्रवस्था थी; कनान ।20अब देखिए; कनान सहस्राब्दि का समय नहीं दर्शाता है। यह तो केवल जयवन्त होने के समय को दिखाता है, यह तो जयवन्त होने के आयाम को दर्शाता है, क्योंकि उन्होंने कनान में मार-काट की थी, और नगरों को जलाया था, और नगरों को अपने अधिकार में ले लिया था । लेकिन सहस्राब्दि में तो कोई मृत्यु नहीं होगी।परन्तु इसने तो जो दूसरा कार्य किया था, वह यह था कि यह विश्वास करने के द्वारा धर्मी ठहराना लेकर आया; जब वे मूसा पर विश्वास कर चुके थे और मिस्र से बाहर निकल चुके थे,

तो यह न्यायोचितता लेकर आया । जंगल में उस आग के खम्भे के बलिदानी मेमने के प्रायश्चित के पीछे- पीछे चलने के द्वारा, उनका पवित्रीकरण हुआ । और इसके बाद उन्होंने उस देश में प्रवेश किया जिसकी प्रतिज्ञा की जा चुकी थी ।21अब देखिए, कि नये नियम के विश्वासी के लिए प्रतिज्ञा किया देश क्या है? प्रतिज्ञा पवित्रआत्मा है; क्योंकि योएल 2:28 में कहा गया है, “अन्त के दिनों में ऐसा होगा, कि मैं अपना आत्मा सब मनुष्यों पर उडेलूँगा. और तुम्हारी बेटे और बेटियाँ भविष्यवाणियाँ करेंगे। मैं अपने दासों और अपनी दासियों पर भी अपने आत्मा में से उडेलूँगा । मैं आकाश में अद्भुत काम दिखाऊँगा और मैं धरती पर आग का खम्भा, धुंआ और बादल दिखाऊँगा।” और पतरस ने पिन्तकुस्त केदिन अपना विषय लेने और प्रचार करने के पश्चात् यह कहा था, “मन फिराओ; और तुम में से हर एक अपने- अपने पापों की क्षमा के लिए यीशु मसीह के नाम से बपतिस्मा ले।”अपने पापों व अपराधों के मोचन के लिए, क्षमा के लिए; ताकि वे सब मिट जाएँ, मन फिराकर यीशु मसीह के नाम से बपतिस्मा लें ।22क्या आपने ध्यान दिया था, कि इससे पहले कि वे यर्दन को पार करते, यहोशू ने उनसे कहा था, “छावनी के मध्य में से होकर जाओ, और अपने वस्त्र साफ करो, और तुम में से हर एक अपने को पवित्र करे; और कोई पुरुष अपनी पत्नी के पास न जाए; क्योंकि तुम तीन दिन के अन्दर परमेश्वर की महिमा देखोगे ।” समझे? यह तो -यह तो प्रतिज्ञा के उत्तराधिकारी होने के लिए तैयार होने की प्रक्रिया है। अब देखिए; वह प्रतिज्ञा इस्राएल को परमेश्वर के द्वारा दी गई थी,

परमेश्वर ने अब्राहीम से पलिश्ती देश देने की प्रतिज्ञा की थी; और उस पर उनका हमेशा- हमेशा के लिए अधिकार होना था। और उन्हें सदैव ही इस देश में रहना था।अब देखिए; वे इस प्रतिज्ञा दिए देश की ओर आते हुए तीन प्रक्रियाओं में से गुजरते हैं। अब देखिए नये नियम में इसका बड़ा ही सिद्ध उदारहण पाया जाता है।अब जैसा कि मैंने कहा था, हो सकता है, कि यह आपके कुछ विचारों से भिन्न हो। आप में से कुछ नाज़रीन अमूल्य लोगों, चर्च ऑफ क्राइस्ट के अमूल्य लोगों; तथा और दूसरे अमूल्य लोगों, यह आपको चोट न पहुँचाएँ वरन आप इसे ध्यानपूर्वक देखें, और इन उदाहरणों को ध्यानपूर्वक देखें। ध्यान दें और देखें, कि क्या हर बात बिलकुल ठीक ठीक मेल नहीं खाती है।23उस यात्रा की तीन प्रवस्थाएँ थीं, और इस यात्रा की तीन प्रवस्थाएँ हैं। हम विश्वास करने के द्वारा ही – प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करने के द्वारा ही धर्मी ठहरते हैं,

और मिस्र को छोड़कर बाहर निकलकर आते हैं। और इसके बाद उसके लोहू के बलिदान के व्दारा अपने पापों से शुद्ध होकर पवित्र होते हैं, और फिर हम यात्री व परदेशी बन जाते हैं, और इस बात का दावा करते हैं कि हम उस देश की, उस नगर की जो आनेवाला है, की खोज कर रहे हैं – अपनी प्रतिज्ञा की खोज कर रहे हैं ।ठीक ऐसा ही इस्राएल ने जंगल में किया था, वे परदेशी व यात्री थे; उनके पास विश्राम करने के लिए कोई स्थान नहीं था, वे तो एक रात के बाद दूसरी रात को यात्रा कर रहे थे, और आग के खम्भे के पीछे- पीछे चल रहे थे, परन्तु अन्त में वे प्रतिज्ञा किए देश में पहुँचे जहाँ वे बस गए थे ।24यही है वह जहाँ एक विश्वासी आता है। सर्वप्रथम तो वह इस अवस्था पर आता है कि वह यह पहचानता है कि वह पापी है, फिर वह जल से शुद्ध होता है, जल के स्नान के द्वारा; लोहू के द्वारा शुद्ध होता है…बल्कि वचन से जल के स्नान के द्वारा शुद्ध होता है – और प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर रहा होता है। धर्मी ठहरा हुआ होने के कारण वह सहभागी बन जाता है, और मसीह के व्दारा परमेश्वर के साथ चैन में होता है; यीशु मसीह के नाम में बपतिस्मा लिए हुए होता है, ताकि यात्रा में आ जाए। क्या आप इसे समझ गए हैं? वह यात्रा में आ जाए।

इसके बाद वह यात्री और परदेशी बन जाता है। अब वह अपनी किस यात्रा पर होता है? वह उस प्रतिज्ञा की यात्रा पर होता है जो परमेश्वर ने की है।25इस्राएल ने अभी तक वह प्रतिज्ञा नहीं पाई थी. परन्तु वे तो अपनी यात्रा पर थे। और हो सकता है, कि मैं उठा रहा हूँ…कृपया आप इसे समझे? यही है वह जहाँ आप नाजरीन और पिलग्रीम ऑफ होलीनस वाले, तथा और दूसरे लोग विफल हुए । जब इस्राएल का देश बर्निया के पास पहुँचा, और भेदिये उस नगर का भेद लेने गए, और उन्होंने कहा, “वह देश तो बहुत बड़ा है ।” परन्तु उनमें से कुछ ने लौटकर यह कहा,

”हम उसे नहीं ले सकते हैं, क्योंकि नगर की शहरपनाएँ बहुत ऊँची- ऊँची हैं, तथा वगैरह- वगैराह हैं।” परन्तु यहोशू और कालिब बाहर खड़े हुए और कहा, “हम उसे लेने में कहीं अधिक सामर्थी हैं !” क्योंकि वे अपने वक्तव्यों के लिखित दस्तावेजों पर पहले ही हस्ताक्षर कर चुके थे; इसलिए उन्होंने अनुग्रह के दो ही कार्य; अर्थात् न्यायोचितता और पवित्रीकरण पर विश्वास किया, तथा वे और अधिक आगे नहीं बढ़ सके। और सुनिए; वह सम्पूर्ण पीढ़ी जंगल में ही नाश हो गई थी; परन्तु वे दो जो प्रतिज्ञा किए देश के अन्दर गए वे यह प्रमाण लेकर वापस आए थे कि वह एक बहुत अच्छा देश है, और उन्होंने कहा था, ”हम उसे लेने में कहीं अधिक सामर्थी हैं, क्योंकि परमेश्वर ने इसकी प्रतिज्ञा की है।” फिर लोगों ने आगे बढ़ने के बजाए; पवित्र आत्मा ग्रहण करने, अन्यान्य भाषाओं में बोलने, परमेश्वर की सामर्थ ग्रहण करने, पवित्र आत्मा का बपतिस्मा ग्रहण करने, चिन्हों, चमत्कारों, अद्भुत कामों को ग्रहण करने की बजाए यह सोचा कि यह उनकी शिक्षा के रीतिरिवाज़ों को तोड़ देगा। और इसका क्या हुआ ? वे मार्ग में ही नाश हो गए थे। यह सच है ।26परन्तु विश्वासी; कालिब और यहोशू अस्त्र-शस्त्र से लैस हुए. कि वे प्रतिज्ञा किए देश को जा रहे हैं, और वे उस देश के अन्दर गए, और उस देश को अपनी सम्पत्ति के रुप में अपने अधिकार में ले लिया, और उस पर बस गए । और हम धर्मी ठहरने व पवित्रकरण पर ही कभी न रुके रहें,

आइए, हम पवित्रआत्मा के बपतिस्मे तक आगे जाएँ। हम यीशु मसीह पर विश्वास करने और बपतिस्मा लेने पर ही न रुक जाएँ। आइए हम न रुकें क्योंकि उसने हमें पाप के जीवन से शुद्ध किया है। परन्तु अब हम अपने स्थान की ओर; पवित्र आत्मा के बपतिस्मे की प्रतिज्ञा की ओर बलपूर्वक आगे बढ़े चलें। क्योंकि पतरस ने पिन्तेकुस्त के दिन कहा था, “क्योंकि यह प्रतिज्ञा तुम और तुम्हारी सन्तानों और उन दूर दूर तक के लोगों के लिए है जिन्हें प्रभु हमारा परमेश्वर अपने पास बुलाएगा ।”27अत: इफिसियों यहाँ पर हमें ठीक वैसे ही हमारे यथा स्थानों पर सुव्यवस्थित करती है जैसे यहोशू ने उन्हें उनके स्थानों पर बसाया था। आप ध्यान रखें, कि उस देश में पार आने और उसे अपने अधिकार में लेने के पश्चात् यहोशू ने उस भूमि का बटवारा किया था। उसने उसका इस प्रकार बटवारा किया था, “इफ्राईम यहाँ पर; और मनश्येई यहाँ पर, और वह वाला यहाँ पर, बिन्यामीन यहाँ पर, गाद यहाँ पर ।” उसने भूमि का बटवारा किया था ।और ध्यान दीजिए ! ओह, यह बस हमारे हृदय को उत्साहित कर देता है! जब उनमें से प्रत्येक इब्री माँ ने उन बच्चों को जन्म दिया,

तो प्रत्येक माँ ने अपनी प्रसव पीड़ा में ठीक वह स्थान बताया जिस स्थान पर उसके बच्चे को प्रतिज्ञा देश में बसाया जाना था। ओह, यह एक महान अध्ययन है! यदि हम इसका विस्तृत रुप में अध्ययन करते हैं, तो इस पर घन्टों के बाद घन्टे लगते चले जाएँगे। जब किसी दिन गिरजे का निर्माण हो चुकेगा, तो मैं बस यहाँ आना चाहूँगा और पूरे दिन एक या दो माह लेकर बस इसी पर ही रुका रहना चाहूँगा। ध्यान दीजिए, कि जब वे अर्थात् उन माताओं में से हर एक प्रसव पीड़ा में थी,…जब वह प्रसव पीड़ा में थी, और उसने बोला ”इफ्राईम” तो उसने उस स्थान के अनुसार उसे उस स्थान में ठहरा दिया जहाँ उसका पाँव तेल में जमेगा। उनमें से हर एक ठीक अपने यथा स्थान पर था !और यहोशू तो यह नहीं जानता था; लेकिन प्रतिज्ञा किए देश के अन्दर पहुँचने के उपरान्त उसने दिव्य प्रेरणा के द्वारा, पवित्र आत्मा की अगुवाई के द्वारा प्रत्येक पुरुष को वही प्रतिज्ञा दी, जिसकी पवित्रआत्मा ने बीते समय में उनके जन्म के द्वारा प्रतिज्ञा की थी।28कैसे उसी परमेश्वर ने कुछ लोगों को उनकी प्रसव पीड़ाओं के जरिए कलीसिया में ठहराया है! ओह, कभी- कभी तो उनको बहुत ही भंयकर प्रसव पीड़ाएँ होती हैं। जब कोई कलीसिया प्रभु यीशु पर विश्वास करने के कारण बाहरी जगत के सताए जाने के व्दारा कराह रही होती है, किं पवित्रआत्मा की प्रतिज्ञा हमारे लिए ठीक वैसी ही सच्ची है जैसे यह पिन्तकुस्त पर थी, तो वे अपनी प्रसव पीड़ा में कैसे कराह रहे होते हैं और रो रहे होते हैं । परन्तु जब उनका जन्म हो जाता है, जब उनका परमेश्वर के राज्य में यथा स्थानानुसार जन्म हो जाता है, तो फिर पवित्र आत्मा कलीसिया में कुछ को याजक, कुछ को प्रेरित, कुछ को भविष्यद्वक्ता, कुछ को शिक्षक, कुछ को प्रचारक ठहराता है।

फिर वह वहाँ पर अन्यान्य भाषाओं में बोलने और अनुवाद करने के वरदान, ज्ञान, बुद्धि, चंगाई के वरदान व सभी प्रकार के आश्चर्यकर्म देता है।29अब मेरा इसे करने का यही उद्देश्य है, कि यह देखें, कि कलीसिया कहाँ है? कलीसिया सदैव ही किसी दूसरे का स्थान लेने की चेष्टा कर रही है । परन्तु आप ऐसा न करें। यदि आप मनश्शेई के स्थान में हैं, तो आप इफ्राईम के स्थान में कदापि अन्न नहीं उपजा सकते हैं। आपको तो मसीह में अपना स्थान लेना है। आप यथा स्थानानुसार ही अपने स्थान लें। ओह, जब हम यहाँ अन्दर आते हैं, तो यह बात हमारे अन्दर बहुतायत में गहराई से बस जाए, कि कैसे परमेश्वर ने कलीसिया में किसी एक को अन्य- अन्य भाषाओं में बोलने के लिए रखा है, और कैसे किसी दूसरे को…अब देखिए, बहुत सी बार हमें यह सिखाया गया है, कि ‘हम सभों को अन्य- अन्य भाषाएँ बोलनी हैं।” यह गलत बात है। हम सभों को इसे करना है ।”

नहीं, हमें नहीं करना है। वे सभी केवल एक ही काम नहीं किया करते थे, उनमें से हर एक….30भूमि का हर एक हिस्सा एक दिव्य प्रेरणा के द्वारा ही प्रदान किया गया व बाँटा गया था। मैं वचन के लेख लेकर आपको बिलकुल ठीक- ठीक यह दिखा सकता हूँ; कि स्थानानुसार उसने उन्हें उसी स्थान में ठहराया था जहाँ उन्हें होना चाहिए था, कैसे आधे गोत्रों को नदी के पार रहना था, कैसे उनकी अपनी- अपनी माँ उनके जन्म के समय चिल्लायी थी, और कैसे वह हर एक स्थान होना चाहिए था।और अब जब आप अन्दर हैं, तो इसका यह अर्थ नहीं है, कि उसके बाद आप युद्ध से – संघर्ष से मुक्त हो गए हैं; आपको अभी भी इस ज़मीन के प्रत्येक इंच के लिए संघर्ष करना होता है जिसपर आप खड़े हैं। अतः आप देखिए, कि कनान महान स्वर्ग को नहीं दर्शाता है, क्योंकि इसमें तो मुसीबतें और मार काट और लड़ाइयाँ व इत्यादि- इत्यादि थीं।

परन्तु यह तो ये प्रदर्शित करता था; कि यह एक सिद्ध चाल होनी चाहिए ।31और यही है वह जहाँ आज कलीसिया विफल हुई है; यह उस चाल पर – उस ‘आगे बढ़ने पर ही विफल हुई है। क्या आप जानते हैं कि आपका अपना व्यवहार किसी दूसरे को चंगाई प्राप्ति से वंचित करा सकता है ? तुम्हारा व्यवहार ऐसा कर सकता है; तुम विश्वासियों के स्वीकार न किये गये पाप’ इस कलीसिया के बुरी तरह से गिरने का कारण हो सकते हैं। और न्याय के दिन आप इसकी हर एक छोटी सी छोटी विफलता के लिए उत्तरदायी होंगे। ओह, आप कहेंगे, “अब, ज़रा एक मिनट रुकिए, आई ब्रन्हम !” खैर, यह सच है। आप इसके विषय में सोचें !ज़रा इसके विषय में सोचिए; कि जब यहोशू उस देश में पार उतर गया था,

तो उसके बाद परमेश्वर ने उसे एक प्रतिज्ञा दी थी…कि वह सम्पूर्ण युद्ध अभियान बिना किसी पुरुष के क्षति उठाए, यहाँ तक कि बिना कोई खरोंच लगे हुए, बिना किसी की देख-रेख किए हुए या बिना किसी प्रार्थामक उपचार के या बिना किसी पट्टी के लड़ेगा । परमेश्वर ने कहा था, “वह भूमि तेरी है, जा युद्ध कर।’ जरा उस युद्ध अभियान के विषय में सोचिए; वहाँ उनके चारों ओर कदाचित कोई रेड क्रास (युद्ध में घायल सिपाहियों के उपचार हेतु बनी संस्था – सम्पा.) नहीं थी; वहाँ कोई ऐसा नहीं था जो उन्हें हानि पहुँचा सकता होता !32और उन्होंने अमालेकियों और हित्तियों को मार गिराया था; उनके मध्य तब तक उनमें से किसी को एक चोट तक न लगी थी जब तक कि छावनी के अन्दर पाप नहीं आ गया था।

और जब आकान ने वह बाबुली ओढ़ना और वह सोने की ईंट लेकर अपने डेरे के भीतर गाड़ दीथी, तो उसके बाद अगले ही दिन उन्हें सोलह पुरुषों की हानि उठानी पड़ी थी । यहोशू ने कहा, “रुको ! रुको ! ज़रा एक मिनट रुको, कहीं कुछ गड़बड़ है। यहाँ कुछ गड़बड़ है। हम सात दिन का उपवास रखेंगे। परमेश्वर ने तो हमसे प्रतिज्ञा की थी, कि ”हमें कोई क्षति नहीं होगी । हमारे शत्रु हमारे चरणों पर गिर जाएँगे । और यहाँ पर कुछ गड़बड़ है। कहीं न कहीं कुछ गलत हुआ है क्योंकि और यहाँ पर हमारे सोलह पुरुष मृत पड़े हुए हैं। वे इस्राएली भाई बन्धु हैं, और वे मर गए हैं ।”33वे निर्दोष पुरुष क्योंकर मरे थे ? कोई एक व्यक्ति लाइन से बाहर हो गया था। क्या आप उस कारण को देखते हैं जिसकी वजह से इसकी शिक्षा दी जानी आवश्यक थी? कलीसिया ठीक ठीक चल रही थी; वह परमेश्वर के वचन के साथ ठीक ठीक चल रही थी, वह परमेश्वर के साथ और एक दूसरे के साथ आगे बढ़ रही थी; वह सिद्धतापूर्वक सभी लोगों के सम्मुख आगे बढ़ रही थी, वह शिष्टतापूर्वक सभी लोगों के सम्मुख आगे बढ़ रही थी और परमेश्वर से डर रही थी।

चूँकि एक पुरुष ने एक ओढ़ना चुरा लिया था, और कोई ऐसा काम कर दिया था जो उन्हें नहीं करना चाहिए था; इस लिए उनके सोहल पुरुषों की जाने चली गई थीं! मैं सोचता हूँ कि वे सोलह थे, या हो सकता है कि वे इससे अधिक हों। मेरा विचार है कि ये सोलह पुरुष ही थे जो मरे थे ।यहोशू ने लोगों को बुलाया, और कहा, “कहीं कुछ गड़बड़ है ! परमेश्वर ने प्रतिज्ञा की थी, लेकिन कहीं कुछ गड़बड़ है।जब हम किसी रोगी को अपने सामने लेकर आते हैं, और वह चंगा होने से चूक जाता है, तो हमें आवश्यकता है कि हम पवित्र उपवास करें, सभा बुलाएँ ।

कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है । परमेश्वर ने तो प्रतिज्ञा की है, परमेश्वर को तो अपनी प्रतिज्ञा से चिपके रहना होता है, और वह ऐसा ही करेगा ।“34और उसने लोगों से उपवास रखने के लिए कहा । और उन्होंने इस बात का पता निकाल दिया था। उन्होंने चिट्ठियाँ डाली। आकान ने इसका अंगीकार किया था। और उन्होंने आकान के परिवार के सभी जनों को मार डाला था और उनकी राख जला दी थीं और उन्होंने इसे एक स्मारक के लिए छोड़ दिया था। और फिर यहोशू युद्ध में जयवन्त होता चला गया; और बिना किसी खरोंच या चोट के सब कुछ अपने अधिकार में लेता चला गया। ठीक उसी स्थिति में आप हैं ।।35एक दिन उसे थोड़े से समय की, कुछ अतिरिक्त समय की आवश्यकता थी । सूर्य ढ़लता चला जा रहा था, और उसके जवान रात के समय बहुत अच्छी लड़ाई नहीं लड़ सकते थे। यहोशू, वह महान योद्धा, परमेश्वर का अभिषिक्त किया हुआ जन उस भूमि के अन्दर यथा स्थानानुसार वैसे ही ठहराया गया था जैसे नए नियम की कलीसिया में इफिसियों का स्थान ठहराया गया है। वह उस जगह पर अपना कब्जा किए चला जा रहा था; वह उसे अपने अधिकार में लिए चले जा रहा था । एक दिन उसे कुछ समय की आवश्यकता थी,

अतः उसने कहा, ‘सूर्य तू वहीं रुका रह!” और वह वहीं पर लगभग बारह घन्टे तक रुका रहा, जब तक कि उसने उस देश को अपने अधिकार में न ले लिया । समझे?36अब इफिसियों की पुस्तक हमें मसीह में हमारे यथा स्थान पर ठीक वैसे ही रखती है जैसे वे पवित्र भूमि में अपने यथा स्थान पर थे। हमें पवित्र भूमि में नहीं वरन पवित्र आत्मा में हमारे स्थान पर रखा गया है! अब आइए हम बस कुछ वचन पढ़ते हैं, और देखें, कि यह कलीसिया कैसी सिद्ध है।पौलुस की ओर से जो परमेश्वर की इच्छा से यीशु मसीह का प्रेरित है….ओह, मुझे यह अच्छा लगता है! परमेश्वर ने ही उसे प्रेरित बनाया था। किसी प्राचीन ने उसके ऊपर हाथ नहीं रखे थे, किसी बिशप ने उसे कहीं नहीं भेजा था, वरन परमेश्वर ने ही उसे बुलाया और प्रेरित बनाया था।पौलुसकी ओर से जो परमेश्वर की इच्छासे यीशु मसीह का प्रेरितहै,उन पवित्र(वे जो पवित्र किए हुए हैं) और मसीह यीशु में विश्वासी लोगों के नाम जो इफिसुस में हैं।ध्यान दीजिए, कि वह कैसे इसे सम्बोधित करता है।

यह अविश्वासियों के लिए नहीं है। यह तो कलीसिया के लिए है। वह तो उन बुलाए हुए लोगों को सम्बोधित करता है जो पवित्र हैं और बुलाए हुए हैं और मसीह यीशु में हैं।37अब, यदि आप यहजानना चाहते हैं कि हम कैसे मसीह यीशु में आते हैं, तो आप 1 कुरिन्थियों का 12 वाँ अध्याय निकालें, और यह कहता है, “एक ही आत्मा के द्वारा ही हम सभी का एक ही देह में बपतिस्मा हुआ है।” आप का कैसे बपतिस्मा हुआ है? आपका किस से बपतिस्मा हुआ है ? पवित्र आत्मा से! जल के बपतिस्मे के व्दारा नहीं, वरन एक ही आत्मा के द्वारा, तुम चर्च ऑफ क्राइस्ट लोगों; एक ही आत्मा (S-p-i-r-i-t) के द्वारा ही बपतिस्मा हुआ है। न तो हाथ मिलाने के द्वारा, न तो किसी एक पत्र के द्वारा, न तो छिड़काव के द्वारा अपितु एक ही आत्मा के द्वारा ही हम सबका एक ही देह में बपतिस्मा हुआ है, हमारी सम्पत्ति; हमारा वह देश जिसे परमेश्वर ने हमें रहने के लिए दिया है, पवित्र आत्मा है। ठीक जैसे उसने यहुदियों को कनान दिया था, ठीक वैसे ही उसने हमें पवित्र आत्मा दिया है। एक ही आत्मा के द्वारा हम सब का ही देह में बपतिस्मा हुआ है। क्या आप इसे समझ गए हैं ?38अब देखिए; यहाँ पर पौलुस आत्मिक कनानियों से, आत्मिक इस्राएली से,

उस आत्मिक इस्राएल से जिसने उस देश पर अपना अधिकार कर लिया है; बातें कर रहा है। ओह, क्या आप आनन्दित नहीं हैं, कि आप मिस्र के लहसुन व मसालों इत्याढियों से बाहर निकल आएहै? क्या आप आनन्दित नहीं हैं, कि आप जंगल से बाहर निकल आए हैं? और स्मरण रखिए, उन्हें तब तक मन्ना खानाथा; उन्हें तब तक स्वर्ग से नीचे गिरनेवाला स्वर्गदूतों का भोजन खाना था जब तक कि वे उस देश में पार न उतर आए थे। और जब वे उस देश में पार उतर आए थे, तो स्वर्ग से मन्ना गिरना बन्द हो गया था। तब वे पूर्ण परिपक्व हो गए थे, और भूमि की फसल खाते थे। अब देखिए, अब आप और अधिक बच्चे नहीं हैं, अब आप सुसमाचार रुपी उत्तम ढूध की अभिलाषा नहीं कर रहे हैं; अब आपको बच्चों जैसा आहार नहीं खाना है और आपको थपथपाया जाना नहीं है, और आप पर इस बात का दबाव नहीं दिया जाना है, कि आप गिरजे आए; अब आप जो पूर्ण रुपेण परिपक्व सच्चे मसीही हैं; अब आप पुष्ट माँस खाने के लिए तैयार हैं। अब आप किसी बात का अध्ययन करने के लिए तैयार हैं; उसने ऐसा ही कहा था। आप कोई ऐसी बात समझने के लिए तैयार हैं जो गूढ़ व बुद्धि से भरी हो । ओह, अब हम सीधे ही इसमें चलेंगे । और, ओह, यह जगत की उत्पत्ति से ही गुप्त रखा गया है। उसने कहा था, “अब तुम जो इसमें आ गए हो; उन्हीं को मैं यह बता रहा हूँ।” यह उनके लिए नहीं है जिन्होंने बस अभी ही मिस्र छोड़ा है; यह उनके लिए नहीं है जो अभी भी यात्रा में ही हैं, वरन यह तो उनके लिए है जो प्रतिज्ञा किए देश के अन्दर हैं;

जिन्होंने प्रतिज्ञा पाई है।39कितनों ने पवित्र आत्मा की प्रतिज्ञा पाई है ? ओह, क्या आप आनन्दित नहीं है कि आप यहाँ पर देश के अन्दर हैं, और आरम्भिक फसल खा रहे हैं, परमेश्वर की पुष्ट वस्तुएँ खा रहे हैं; और आपके पास एक स्पष्ट समझ है। आप का-आप का आत्मिक दिमाग पूरी तौर से साफ हो चुका है। आप बिलकुल ठीक- ठीक जानते हैं कि वह कौन है। आप बिलकुल ठीक- ठीक जानते हैं, कि वह क्या है। आप बिलकुल ठीक ठीक जानते हैं, कि आप कहाँ जा रहे हैं। आप इसके विषय में सब कुछ बिलकुल ठीक ठीक जानते हैं। आप जानते हैं कि आपने किस पर विश्वास किया है, और आप जानते हैं कि उसने आप को विश्वास दिलाया हुआ है, कि वह उस बात को रखने में सामर्थी है जो आपने उससे किसी दिन स्वीकारी है । ओह, ये ही तो वे लोग हैं जिनसे पौलुस यहाँ पर बातें कर रहा है। अब आप इसे ध्यानपूर्वक सुनें । अब देखिए;…मसीह यीशु में विश्वासी…..40अब, मुझे इसे कलीसिया को फिर से बताना है। हम कैसे मसीह में आते हैं? क्या किसी कलीसिया में सम्मिलित होने के व्दारा? जी नहीं! क्या अपना नाम किसी संस्था के रजिस्ट्रर में लिखवाने के द्वारा? जी नहीं! क्या डुबकी का बपतिस्मा लेने के द्वारा? जी नहीं!

तो फिर हम कैसे मसीह में आते हैं ? एक ही पवित्र आत्मा के द्वारा हमने एक ही प्रतिज्ञा में, एक ही देह में बपतिस्मा लिया है; और जो कुछ भी उस देश में है हम उन सब वस्तुओं के सहभागी हैं। आमीन ! ओह, मुझे-मुझे यह अच्छा लगता है ! यदि मेरा गला खरखराया हुआ न तो होता, तो मैं चिल्ला सकता था। जब मैं इस देश में आ जाता हूँ, तो यह मेरा ही है। अब मैं कनान में वास करता हूँ। अब मैं किसी भी उस कार्य को करने के लिए बाध्य हूँ, जिसके लिए परमेश्वर मेरा उपयोग करना चाहता है। मैं महाराजा का पुत्र, अपने वस्त्र पहने हुए पवित्र भूमि पर चल रहा हूँ और तैयार हूँ। मैं मिस्र से बाहर निकलकर आ चुका हूँ, प्रतिज्ञा किए देश में होकर आगे तक आ चुका हूँ, परीक्षाओं में स्थिर खड़ा रह चुका हूँ, और यरदन को पार करके इस आशीषित प्रतिज्ञा में आ चुका हूँ। ओह, मैंने इसे कैसे किया है? एक ही आत्मा के द्वारा। जिस प्रकार पौलुस ने इसे पाया था ठीक वैसे ही मैंने इसे पाया है। जिस प्रकार इसने पौलुस पर कार्य किया था ठीक वैसे ही इसने मुझ पर कार्य ‘किया है, और वैसे ही इसने आप पर कार्य किया है। हम सभों ने एक ही आत्मा के द्वारा बपतिस्मा लिया है। छिड़काव के द्वारा नहीं; ऐसा नहीं हुआ कि थोड़ा सा छिड़काव किया गया हो और कुछ अच्छी सी अनुभूति हुई हो, परन्तु हमें तो इसमें डुबाया गया है।

केवल यही आवश्यकता है, कि हम पवित्र आत्मा में तैरें। यही तो प्रतिज्ञा है ।41हमारा इफिसियों, हमारा यहोशू तो पवित्र आत्मा है। “यहोशू” का अर्थ होता है, ”यीशु, उद्धारकर्ता“। यहोशू का अर्थ होता है ‘पवित्र आत्मा’ । यह इसे आत्मिक में ठीक वैसे ही दर्शाता है जैसे यह स्वाभाविक में था; कि वह हमारा महान योद्धा है। वह हमारा महान अगुवा है। जैसे परमेश्वर यहोशू के साथ था; वैसे ही परमेश्वर (पवित्र आत्मा के रुप में) हमारे ऊपर मंडरा रहा है। और जब पाप छावनी के अन्दर आ जाता है, तो पवित्र आत्मा पड़ाव की माँग करता है, कि ”कलीसिया में क्या गड़बड़ है ? कहीं कुछ गड़बड़ है।” ओह, क्या आप नहीं देख सकते हैं, कि कैसे इस समय कितने ही किश के पुत्र हैं ? आज बहुतेरे शाऊल धार्मिक शिक्षण संस्थानों और थीयोलोजिकल स्कूलों से निकलकर आ रहे हैं, और अपनी दोगली बातों कीशिक्षा देरहे हैं, जैसा कि बाइबिल कहती है कि वे ऐसा ही करेंगे; ऐसा प्रतीत होता है कि मानो उनके पास विश्वास ही नहीं है; और वे स्वयं को आप से अलग कर रहे हैं, उनकी आपके साथ कोई सहभागिता नहीं है ।

“वे भक्ति का भेष तो धरते हैं; परन्तु उसकी शक्ति का इन्कार करते हैं, ऐसो से तुम परे रहना।” वे नहीं बता सकते हैं कि वे कहाँ से आए हैं; वे कोई तर्क नहीं दे सकते हैं।42अब मैं यह अपने एक मित्र, भाई बूथ कैलीबोर्न के लेख में से कह रहा हूँ; कि यदि कहीं पर कोई …नाजायाज; परमेश्वर द्वारा न सृजी गई। कोई चीज संसार में कहीं पर है, तो वह खच्चर ही है। एक खच्चर समस्त जीवों में सबसे तुच्छतम् जीव होता है । वह ऐसा है..वह नहीं जानता है कि वह क्या है। वह अपनी उत्पत्ति कदाचित नहीं कर सकता है। एक खच्चर किसी दूसरे खच्चर के साथ संक्ररण (Cross) नहीं कर सकता है कि, खच्चर उत्पन्न कर दे। वह तो बस खत्म है। वह अपने बाप को जिससे वह आया है नहीं जानता है, और ना ही वह अपनी माँ जानता है, क्योंकि वह (नर) गदहे और (मादा) घोड़े के संक्ररण से उत्पन्न होता है। परमेश्वर ने कभी ऐसा नहीं किया था। आप इस प्रकार की बात परमेश्वर पर न थोपें । परमेश्वर ने कभी ऐसा काम नहीं किया। परमेश्वर ने तो यह कहा था, “हर एक जीव अपनी ही जाति के अनुसार सन्तान उत्पन्न करे।” जी हाँ, श्रीमान! परन्तु खच्चर ऐसा होता है कि …उसका बाप गदहा और उसकी माँ घोड़ी होती है; इसलिए वह नहीं जानता है कि वह किस जाति का है। वह-वह-वह तो एक घोड़ा है जो खच्चर बनने की चेष्टा कर रहा है ..या वह खच्चर है जो घोड़ा बनने की चेष्टा कर रहा है –

या एक गदहा है जो घोड़ा बनने का यत्न कर रहा है । वह नहीं जानता है कि वह कहाँ से है । खच्चर संसार का सबसे धूर्त जीव है। आप उस पर कभी भी ज़रा सा विश्वास तक नहीं कर सकते हैं।43और कलीसिया में उसी प्रकार के बहुत से लोग हैं। वे नहीं जानते हैं कि उनका बाप कौन है, वे नहीं जानते हैं कि उनकी माँ कौन है। वे तो केवल एक ही बात जानते हैं या तो वे प्रेसबीटेरियन, मैथोडिस्ट, बैपटिस्ट हैं या पिन्तेकोस्तल हैं या अन्य कोई हैं। वे नहीं जानते हैं कि वे कहाँ से आए हैं। और आप किसी बुढ़े गदहे पर जितनी जोर से चिल्लाना चाहें उतनी जोर से चिल्ला सकते हैं, लेकिन वह वहीं खड़ा रहता है, और अपने बड़े- बड़े कानों को बाहर किए रहता है, और देखता रहता है। आप उन्हें सारी रात भर प्रचार कर सकते हैं और जब वे वापस जाते हैं, तो वे उससे अधिक बिलकुल भी जानते हैं जितना कि वे अन्दर आते समय जानते थे। अब देखिए, यह सही बात है। मेरा अभिप्राय अशिष्ट होना नहीं है, वरन मैं तो आपको सत्य ही बताना चाहता हूँ ।44परन्तु वे तो बस एक ही कार्य कर सकते हैं, वे तो अच्छे कर्मी होते हैं। ओह वे तो बस काम, काम, काम, काम करते हैं। यह मेरे मस्तिष्क में इन खच्चर के झुण्ड़ को जो दिन- रात काम करते रहते हैं लेकर आता है, कि वे स्वर्ग के अपने जाने के मार्ग को स्वयं तैयार करने का यत्न करते हैं। यह सच है, खच्चर ऐसा ही करता है । ओह, उनकी महिला सेवा संस्था हैं, और वे चिकन भोज करते हैं; वे प्रचारक को मोटी रकम“” देते हैं, वे कहते हैं, “हमारा यह नृत्य कार्यक्रम होना है, और हमारा यह सामाजिक कार्यक्रम होना है।” यह तो बस काम, काम, काम, काम, काम, काम, काम करता रहता है। और वे …तुम किसलिए इतना काम कर रहे हो ?उनसे पूछिए, ‘क्या जब से तुमने विश्वास किया पवित्र आत्मा पाया?”इस पर वे अपने कानों को बाहर निकाले खड़े रहते हैं,

और नहीं जानते हैं कि वे कहाँ जा रहे हैं। “तुम्हारा क्या अभिप्राय है? तुम्हारा इसके विषय में क्या मतलब है ? तुम्हारा पवित्र आत्मा से क्या अभिप्राय है ? मैंने तो इसके विषय में कभी कुछ नहीं सुना है । ओह, तुम्हें तो कोई हठ धर्मी होना चाहिए ।” देखिए, वे यह तक नहीं जानते हैं, कि कौन उनका पिता है, और कौन उनकी माता है। आपको उसे अपने उस हर एक कार्य पर जो आप करते हैं, मारना होता है, आप उसे यहाँ मारते हैं, आप उसे वहाँ मारते हैं, आप उसे यहाँ मारते हैं, और आप उसे वहाँ मारते हैं। यह सच है, कि उस पुराने खच्चर के साथ ऐसा ही करना होता है।45परन्तु मैं आपको बताता हूँ, कि आपको ऐसा उस घोड़े के साथ जो अपनी ही जाति से उत्पन्न हुआ है, नहीं करना होता है। आप बस उस पर एक बार चाबूक मारें, और भाई, वह चल पड़ता है। वह जानता है, कि वह क्या कर रहा है। ओह, किसी असली घोड़े पर सवारी करना क्या ही शानदार बात है। उसकी सवारी कितनी अच्छी होती है। आप कहते हैं, “लड़के आ जाओ ।” अरे मनुष्य; बेहतर यही होगा, कि तुम उसकी लगाम कसकर पकड़े रहो, वरना वह काठी को हवा में ही छोड़कर चला जाएगा ।46ठीक इसी प्रकार से असली व विशुद्ध जन्में हुए मसीहियों के साथ होता है। हाल्लिलूय्याह ! “मन फिराओ, और तुम में से हर एक अपने अपनेपापों की क्षमा के लिए यीशु मसीह के नाम से बपतिस्मा ले, तो तुम पवित्र आत्मा पाओगे ।”

और एक सच्चा मसीही इस बपतिस्मा को लेने के लिए जितनी जल्दी जा सकता है उतनी जल्दी जल में जाता है। वे दिन और रात तब तक विश्राम नहीं कर सकते हैं जब तक कि वे पवित्र आत्मा नहीं पा लेते हैं। क्यों ? क्योंकि एक मसीही जानता है कि उसका पिता कौन है। देखिए; किसी के जन्म के लिए किन्हीं दो जीवों की आवश्यकता होती है। यह सही बात है, और वे दो जीव पिता, और माता होते हैं। खच्चर नहीं जानता है, कि कौन सा उसका बाप था, और कौन सी उसकी माँ थी । लेकिन हम जानते हैं कि कौन हमारा पिता है और कौन हमारी माता है, क्योंकि हम परमेश्वर के लिखित वचन से जन्मे हैं, और आत्मा के द्वारा हमारी पुष्टि हुई है। पतरस ने पिन्तेकुस्त के दिन कहा था, ”यदि तुम मन फिराओ, और तुम में से हर एक अपने-अपने पापों की क्षमा के लिए यीशु मसीह के नाम से बपतिस्मा ले, तो तुम पवित्र आत्मा का दान पाओगे ।”47और भाई; नया जन्म पाया हुआ वह सच्चा मसीही, जिसकी आत्मा ऐसी होती है, ज्यों ही वह वचन उसे मिलता है, वह त्यों ही पवित्र आत्मा ग्रहण करता है। ओह ! फिर आप उससे कुछ तो पूछे!

वह जानता है कि वह कहाँ खड़ा हुआ है। क्या आप दिव्य चंगाई में विश्वास करते हैं?” ”आमीन ।”“क्या आप दूसरे आगमन पर विश्वास करते हैं?”“आमीन!”आप यह किसी खच्चर से पूछे; आप खच्चर से उसका धर्म पूछिए, वह कहता है, “ओह, मैं नहीं जानता हूँ। डॉक्टर जोन्स ने एक बार कहा था …” ठीक है, वह तो शाऊल के पीछे चलता है। समझे? “ओह, वे नहीं जानते हैं। अच्छा, मैं आपको बता सकता हूँ, कि मेरी कलीसिया इसके विषय में सुनिश्चित नहीं है।”ओह भाई, परन्तु एक नया जन्म प्राप्त पुरुष और स्त्री यीशू के आगमन का वैसे ही सुनिश्चित होता है, वह इस बात के लिए कि उसे पवित्रआत्मा मिल गया है वैसे ही सुनिश्चित होता है जैसे कि पवित्र आत्मा का दिया जाना एक सुनिश्चित बात है।48अब देखिए, यीशु ने कहा था …कुएँ पर पानी भरने आई उस स्त्री ने कहा था, “हम तो इस पहाड़ पर आराधना करते हैं, और यहूदी यरुशलेम में आराधना करते हैं।”यीशु ने उससे कहा, “स्त्री, मेरा वचन सुन! परन्तु वह समय आता है वरन अब भी है, जब पिता उन्हें खोजता है; जो उसकी आराधना आत्मा और सच्चाई से करेंगे ।”उसके वचन सच्चे हैं। और हर एक वह व्यक्ति जो बाइबिल पढ़ता है और प्रत्येक उस वचन का विश्वास करता है जो बाइबिल कहती है, और इसके प्रत्येक निर्देशों का पालन करता है,

तो वह ठीक वही पवित्र आत्मा पाता है जो उन्होंने पाया था, वह इसे ठीक उसी रीति से पाता है जैसे उन्होंने इसे पाया था, उसे ठीक वही फल मिलते हैं जो उन्हें मिले थे, उसे ठीक वही सामर्थ मिलती है जो उन्हें तब मिली थी जब उन्होंने इसे पाया था, वह जानता है कि कौन उसका पिता है, और कौन उसकी माता है। वह जानता है, कि वह यीशु मसीह के लोहू में स्नान कर चुका है, वह आत्मा से जन्मा है । वह महिमामय अभिषेक को जानता है । वह जानता है कि वह कहाँ खड़ा है। निश्चय ही! वह कनान में है। वह जानता है कि वह कहाँ से आया है। और ठीक इसी प्रकार से यह एक सच्चे मसीही के साथ होता है। आप उससे पूछिए, “क्या जब से तुमने विश्वास किया पवित्र आत्मा पाया?””आमीन; भाई !“49किसी दूसरे दिन जब मैं अस्सी वर्षीय एक पास्टर से बातें कर रहा था, तो वहीं पास ही में एक वृद्ध सन्त जो कि वह बाड़वें वर्षीय वृद्धा है, खड़ी थी। मैंने उनसे कहा, “दादी माँ !”वह उतनी कान्ति युक्त थी जितनी वह हो सकती थी;

उन्होंने कहा, “हाँ, मेरे पुत्र !”मैंने पूछा, “आपको पवित्र आत्मा पाये हुए कितना समय हो गया है?” उन्होंने कहा, ”परमेश्वर की महिमा होवे! मुझे लगभग साठ वर्ष पहले यह मिला था।”अब यदि वह एक खच्चर होतीं, तो उसने यह कहा होता, “अब, एक मिनट रुकिए; मेरा हृढ़ीकरण (Confirmation) व छिड़काव का बपतिस्मा तब हुआ था जब मैं ….खैर, वे निश्चय ही, मुझे कलीसिया में लेकर गए थे, और मैं फलां- फलां के पास अपना पत्र लेकर गई थी।” हे प्रभु, मुझ पर दया कर। वे ये तक नहीं जानते हैं कि वे कहाँ के हैं।परन्तु वह जानती थी, कि उसका जन्मसिद्ध अधिकार कहाँ से आता है। जब यह घटित हुआ था, तो वह वहाँ पर थी। उसने तो जल और आत्मा से जन्म लिया है। वह यह जानती है; वह वचन के द्वारा जल के स्नान से शुद्ध हुई है, वह वचन ग्रहण करती है।50अब देखिए, कि इसे किस प्रकार सम्बोधित किया गया है, उनको जो मसीह यीशु में हैं।” पौलुस …अब स्मरण रखिए; …मैं बहुत अधिक समय ले रहा हूँ; लेकिन मैं इस अध्याय का पूरा ही अध्यापन कराने जा रहा हूँ। परन्तु मैंने सुना था…क्या आपको यह अच्छा लगता है ? ओह यह हमें बताता है कि हम कहाँ पर हैं, परन्तु हम इसका अध्ययन मात्र एक ही रात में नहीं कर सकते हैं। इसका वचन दर वचन अध्ययन करने के लिए हमें एक या दो महीने चाहिए, जिससे हम हर रात इसका अध्ययन कर सकें। इसके लिए यह करना होता है,

कि पीछे जाकर पूर्वकाल की बातों को देखा जाए, और इसे इतिहास में से लेकर, इसे वचन से मिलाया जाए; और वचन दर वचन इसे देखा जाए, और आपको यह दिखाया जाए कि यह सत्य है। अब मैं उसी पद को शीघ्रतापूर्वक एक बार फिर से पढ़ता हूँ ।पौलुसकी ओर से जो परमेश्वर की इच्छासे(किसी मनुष्य की उसे नहीं) यीशु मसीह का प्रेरित है, उन पवित्र और (यह ”और” एक शब्द संयोजक है) विश्वासी लोगों के नाम जो इफिसुस में हैं।51“ये जो बुलाए जा चुके हैं, और अलग हो चुके हैं, और पवित्र आत्मा से बपतिस्मा ले चुके हैं, और मसीह यीशु में हैं, मेरे प्रियों; मैं यह पत्री ऐसे ही लोगों को अर्थात् तुम लोगों को लिख रहा हूँ।” ओह; मैं पौलुस के विषय में सोचता हूँ, कि वह वहाँ पर उनके साथ होगा; और ओह, वह कैसा प्रसन्न होगा ! उस वृद्ध प्रेरित का सिर वहीं काटकर अलग कर दिया गया था। मैं उसी स्थान के निकट खड़ा हो चुका हूँ जहाँ उसका सिर काट कर अलग कर दिया गया था। परन्तु उसका सिर तो उसकी नयी देह पर लगा हुआ है, और वह फिर कभी काट कर अलग नहीं किया जा सकता है और वही प्रेरित जिसने यह पत्री लिखी थी, ठीक इस क्षण वहाँ पर उन लोगों के साथ खड़ा हुआ था और उसने कहा था, उनकोजो मसीह यीशु में हैं !’ एक ही आत्मा से हम सभों ने इस एक देह में बपतिस्मा पाया है ।” अब देखिए:हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्वर्गीय स्थानोंमें सब प्रकारकी आशीर्षे दी हैं…(ओह; क्या तुम इसे सुनते हो, चार्ली ? …उसने हमें मसीह में स्वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आत्मिक आशीषं दी हैं।52ऐसा नहीं है कि उसने प्रेरितों को कुछ आशीषें दी हो, और कुछ आशीषें इसे दी हों; वरन उसने तो हमें सभी आत्मिक आशीषें दी हैं। ठीक वही पवित्र आत्मा आज रात्रि यहाँ पर है। जिस पवित्र आत्मा की प्रेरणा पाकर मरियम चिल्लायी थी और अन्य-अन्य भाषा में बोली थी, और उसका अद्भुद व आनन्दमय समय रहा था, और जो बातें उसने करीं थीं, वही पवित्र आत्मा आज रात्रि यहाँ पर है। जिस पवित्र आत्मा ने पौलुस से जहाज़ पर तब भेंट की थी जब ऐसा प्रतीत होता था, कि वह पानी में डूब गया है। हो गया है और सब कुछ समाप्त हो गया है; चौदह दिन और रात न चाँद और तारे दिखे। वही पवित्र आत्मा आज रात्रि यहाँ पर है।

उसने वहाँ बाहर देखा कि हर एक लहर पर शैतान नाचरहा है और अपने दाँत चमका रहा है और कह रहा था, ‘बूढ़े लड़के, अब मैं तुझे डुबा दूँगा । अब मैं तुझे ले चुका हूँ।”53और जब पौलुस एक छोटी सी प्रार्थना करने के लिए नीचे गया, तो वहाँ पर दूत खड़ा हुआ था और उसने कहा, ”हे पौलुस, मत डरा यह पुराना जहाज किसी टापू पर पहुँचकर टुकड़े- टुकड़े होने जा रहा है। आगे बढ़ और अपना भोजन कर, अब सब कुछ ठीक है ।”यहाँ पर पौलुस उन जंजीरों से बन्धा हुआ था, और वह अपने पांवों से उनको घसीटता हुआ चलकर आया, और कहा, “हे पुरुषों ढाढ़स रखो, क्योंकि जिस परमेश्वर का मैं सेवक हूँ उसी परमेश्वर का दूत मेरे पास खड़ा था, और उसने कहा था, ”हे पौलुस मत डर ।” वही पवित्र आत्मा आज रात्रि यहाँ पर है – परमेश्वर का वही आत्मा आज रात्रि हमें ठीक उन्हीं आत्मिक आशीषों को देने के लिए यहाँ पर है।उसने हमें…स्वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आत्मिक आशीष दी हैं…54ओह, आइये हम कुछ मिनटों के लिए यहीं पर अर्थात् ‘स्वर्गीय स्थानों में” पर रुकते हैं। अब, देखिए, उसने कहीं बाहर नहीं, अपितु स्वर्गीय स्थानों में हमें ये आशीषे दी हैं। हम ‘स्वर्गीय स्थानों में जमा होते हैं, इसका अर्थ विश्वासी का स्थान होता है ।

अब, यदि मैं प्रार्थना कर चुका हूँ, आप प्रार्थना कर चुके हैं और कलीसिया प्रार्थना कर चुकी है और हम सन्देश के लिए तैयार हैं और हमने स्वयं को पवित्र किए हुए, बाहर बुलाए हुए, पवित्र आत्मा से बपतिस्मा पाए हुए; परमेश्वर की आशीषों से भरे हुए, बुलाए हुए, और चुने हुए लोगों के रुप में एक साथ जमा किया हुआ है, तो अब हम स्वर्गीय स्थानों में बैठे हुए हैं, और हम अपने प्राणों में स्वर्गीय हैं। हमारी आत्माएं हमें स्वर्गीय वातावरण में लेकर आयी हैं । ओह भाई, आप ऐसी ही जगह पर हैं; आप स्वर्गीय वातावरण में हैं । ओह, आज रात्रि क्या हो सकता है, आज रात्रि क्या हो सकता है यदि हम यहाँ पर स्वर्गीय वातावरण में बैठे हुए हों और पवित्र आत्मा हर एक उस हृदय के ऊपर जो पुनः जन्मा है और मसीह में नई सृष्टि बन गया है, मण्डरा रहा हो? हमारे सभी पाप लोहू के तले चले जाते हैं, और हम अपने हाथों को परमेश्वर की ओर उठाए हुए और अपने हृदयों को परमेश्वर की ओर उठाए हुए सिद्ध आराधना में होते हैं, और मसीह यीशु में स्वर्गीय स्थानों में बैठे हुए होते हैं, और स्वर्गीय स्थानों में एक साथ मिलकर आराधना कर रहे होते हैं ।

क्या कभी आप ऐसी जगह बैठे हैं? ओह, मैं तो तब तक बैठा हूँ जब तक कि आनन्द के कारण रोने न लगा, और मैंने यह कहा, परमेश्वर,आप मुझे कभी यहाँ से हटने न दें।” बस हम मसीह में स्वर्गीय स्थानों में बैठे हैं ।55वह हमें किससे आशीषित कर रहा है? वह हमें दिव्य चंगाई, पूर्वज्ञान; प्रकाशन; दर्शन, सामर्थ, अन्यान्य भाषा, अनुवाद, बुद्धि, ज्ञान, न बताए जा सकने वाला और महिमा से भरे हुए आनन्द, और सब प्रकार की स्वर्गीय आशीषों से आशीषित कर रहा है, और हम एक साथ मिलकर स्वर्गीय स्थानों में बैठे हुए हैं, हमारे मध्य कोई बुरा विचार नहीं होता है, हममें से कोई सिगरेट पीता हुआ नहीं होता है, कोई भी छोटे- छोटे कपड़े पहने हुए नहीं होता है, कोई यह, वह या अन्य कुछ नहीं कर रहा होता है, कोई बुरा विचार नहीं होता है, किसी के पास एक दूसरे के विरुद्ध में कोई बात नहीं होती है, हर कोई प्रेम और शान्ति से बातें कर रहा होता है, और हर कोई एक जगह एक चित होता है, ”तभी स्वर्ग से एकाएक बड़ी आँधी की सी सनसनाहट का सा शब्द आता है।” आप ऐसी ही स्थिति में हैं, “उसने हमें सब प्रकार की आशीष दी हैं।”56तब हो सकता है कि पवित्र आत्मा किसी व्यक्ति के ऊपर उतरे, और वह कहे, “यहोवा यूँ कहता है; उस निश्चित स्थान पर जाओ, और इस निश्चित कार्य को करो ।” आप देखिए, यह ठीक वैसे ही घटित होता है। समझे ? ”यहोवा यूँ कहता है, अमुक स्थान पर यह अमुक कार्य करो ।’ देखिए यह ठीक वैसे ही घटित होता है ।“उसने हमें स्वर्गीय स्थानों में सभी स्वर्गीय आशीष दी हैं।”

ध्यान दें!जैसाकि उसने हमें..चुन लिया…..क्या हमने उसे चुना या उसने हमें चुना? उसी ने हमें चुना है। कब? क्या जिस रात हमने उसे ग्रहण किया तब उसने हमें चुना ? उसने हमें चुन लिया !जैसा उसने हमें जगतकी उत्पत्ति से पहले उसमें चुनलिया; कि हम उसके निकट…(क्या नामधारी कलीसियामें?)…प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों:57उसने हमें कब चुना? आपको जिनको पवित्र आत्मा मिल चुका है, परमेश्वर ने आप को कब चुना? उसने आपको कब चुना ? जगत की उत्पत्ति से पहले! (टेप में रिक्त स्थान – सम्पा.) …जगत की उत्पत्ति से – ही उसने आपको चुना। और उसने यीशु को भेजा ताकि वह हमारे पापों का प्रायश्चित बनें, और तुम्हारा अपने से मेल मिलाप करने के लिए तुम्हें बुलाये, ताकि तुम से प्रेम कर सके। ओह, काश हमारे पास थोड़ा और अधिक समय होता!58अब इससे पहले कि मैं और आगे बढूँ, मैं वापस उत्पत्ति 1:26 में चलता हूँ। (मैं इसे बुधवार को लूँगा|) जब परमेश्वर ने मनुष्य बनाया…मनुष्य को बनाने से पहले, उसने अपने आपको, ‘एल, EL, E-L, EL; एले ..E-L-H एलेह “Elah’ एलोहीम Elohim” कहा। इब्री भाषा में इस शब्द का अर्थ होता है, “स्वयं – विद्यमान;” वह अपने आप में ही सब कुछ था । उससे पहले कुछ भी विद्यमान नहीं था; केवल वहीं अकेला ही विद्यमान था, वह स्वयं – विद्यमान’ था । एल, एल, एलेह, एलोहीमका अर्थ होता है, वह जो सब कुछ करने में सामर्थी है, वह जो समस्त ताकत है, वह जो सर्वशक्तिमान है, वह जो महाशक्तिशाली है, वह जो स्वयं-विद्यमान है ।”

ओह!59परन्तु जब उसने उत्पत्ति 2 में मनुष्य को बनाया; तो उसने कहा, “मैं यहूँ Y-a-h-uजूवहू J-u-v-u-h जोहवा Jehovah हूँ।” इसका क्या अर्थ था? ”मैं ही सर्वव्यापी, स्वयं विद्यमान हूँ, जिसने अपने में से ही किसी की सृष्टि की है, ताकि वह मेरा पुत्र हो या एक मेरा छोटा रुप हो।” महिमा! क्यों उसने मनुष्य को दिया …यहोवा का अर्थ होता है कि उसने मनुष्य की सृष्टि की; ताकि वह एक छोटा परमेश्वर हो क्योंकि वह पिता है, परमेश्वर है, और उसने मनुष्य को एक छोटा परमेश्वर बनाया; इसलिए वह और अधिक ‘स्वयं-विद्यमान नहीं रहा, अब वह अपने परिवार में विद्यमान है। एलेह, एलेह, एलोहीम। अब देखिए, अब वह यहोवा है। यहोवा का अर्थ होता है, वह जो अपने परिवार के साथ विद्यमान रहता है।” अब देखिए; परमेश्वर ने मनुष्य को बनाया ताकि वह सारी पृथ्वी पर प्रभुता करे; उसका एक राज्य था । और पृथ्वी ही मनुष्य का राज्य था । क्या वचन ऐसा ही बताता है? फिर यदि पृथ्वी उसका राज्य था, तो वह पृथ्वी के ऊपर ईश्वर था।

वह बोल सकता था, और वैसा ही हो जाता होगा। वह यह कह सकता था; और यह वैसा ही हो जाता होगा । वह यह कह सकता था; और यह वैसा ही हो जाता था। अब वह परमेश्वर है, वह यहोवा है, वह दो है जो कभी ‘स्वयं-विद्यमान’ था, परन्तु अब वह अपने परिवार के साथ रहता है, और उसके बच्चे उसके साथ रहते हैं। आप ऐसी ही स्थिति में हैं ।60अब आप इसे पढ़ें । हम इसे बुध रात्रि को देखेंगे, तब हमारे पास और अधिक समय होगा । हमारे पास अभी लगभग पन्द्रह मिनट ही और हैं, और हम…मैंने सोचा था, कि यहाँ पर हम एक निश्चित स्थान तक पहुँच जाएँगे; लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाएँगे; हम वहाँ तक नहीं पहुँच पाएँगे जहाँ हम पर प्रतिज्ञा के पवित्र आत्मा के द्वारा छाप की गई है। ठीक है।61अब देखिए; कब हमें परमेश्वर का सेवक होने के लिए बुलाया गया था? कब ऑरमन नेविल को परमेश्वर का दास होने के लिए बुलाया गया था ? ओह, मेरे परमेश्वर !

यह बात मुझे हिलाकर रख देती है। अब मैं आपको बताता हूँ, आइए हम वचन के कुछ लेख देखें। मैं चाहता हूँ कि आप 1 पतरस 1:20 निकालें। और पैट, तुम प्रकाशितवाक्य 17:8 निकालो और मैं प्रकाशितवाक्य 13 निकालूँगा । अब हम यहाँ पर इसे सुनना चाहते हैं; अब आप यह जानना चाहते हैं कि परमेश्वर ने कब आपको एक मसीही होने के लिए बुलाया था! ओह, मुझे यह अच्छा लगता है। मुझे वचन का यह लेख अच्छा लगता है, कि “मनुष्य रोटी से ही नहीं, वरन हर एक उस वचन से जो परमेश्वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा।” ठीक है, भाई नेविल, यदि आपको 1 पतरस 1:20 मिल गया है, तो आप 1 पतरस 1:19 और 1:20 पढ़ें। अब आप इसे सुनें । ठीक है! (भाई नेविल 1 पतरस 1:19-20 पढ़ते हैं – सम्पा.)पर निर्दोष और निष्कलंक मेमने अर्था त्मसीह के बहुमूल्य लोहू के द्वारा हुआ है।उसका ज्ञान तो जगतकी उत्पत्ति के पहले से ही जाना गया था,पर अब इस अन्तिम युग में तुम्हारे लिए प्रकट हुआ ।62वह कब से जाना गया या कब से ठहराया गया? जगत की उत्पत्ति के पहले से ही! भाई पैट, आप मेरे लिए प्रकाशितवाक्य 17:8 पढ़े (भाई पैट प्रकाशितवाक्य 17:8 पढ़ते हैं – सम्पा.)जो पशु तूने देखा, यह पहले तो था, पर अब नहीं हैं,

और अथाहकुण्ड़से निकल कर विनाश में पड़ेगा और पृथ्वी के रहने वाले जिनके नाम जगतकी उत्पत्ति के समयसे जीवनकी पुस्तकमें नहीं लिखेगए,इस पशुकी यहदशादेखकर.किपहलेथा,औरअबनहीं,और फिर आ जाएगा; अचम्भा करेंगे ।वे कौन हैं जो भरमाए जाएँगे? वे कौन हैं जो इस धर्मी व्यक्ति से जो वैसा ही धर्मी है जैसा शाऊल था; भरमाए जाएँगे ? वह इतना अधिक धूर्त और इतनी अधिक समानता में होगा कि वह किसे भरमा दे ? चु …(मण्ड़ली उत्तर देती है, “चुने हुओं को” – सम्पा.) यदि हो सके तो वह चुने हुओं को भरमा दे। ठीक है, मैं आपके लिए प्रकाशितवाक्य 13:8 पढ़ता हूँ।और पृथ्वी के वे सब रहनेवाले जिनके नाम उसमे मनेकी जीवनकी पुस्तकमें लिखे नहीं गए, जो जगतकी उत्पत्ति के समयसे घात हुआ है,उस पशुकी पूजा करेंगे।63कब हमारे नाम मेमने की जीवन की पुस्तक में लिखे गये थे? जब मेमना जगत की उत्पत्ति से पहले वध किया गया था। जब परमेश्वर यहोवा था; जब परमेश्वर एल, एलेह, एलोहीम ‘वह जो स्वयं विद्यमान है’ था। तब वह बस एक महान व विशाल हीरे के जैसा था, और वह इसके अरितिक्त और कुछ नहीं हो सकता था; कि इस हीरे के अन्दर उसके एक उद्धारकर्ता के गुण थे । और उसके अन्दर – उसके गुणों में एक गुण यह भी था कि वह चंगा करनेवाला है ।

खैर, तब कोई भी ऐसा नहीं था जिसका उद्धार किया जाए; और कोई भी ऐसा नहीं था जिसे चंगा किया जाए, परन्तु उसके गुणों में ये सब गुण पाए जाते थे। चूंकि वह जगत की उत्पत्ति से पहले ही यह जानता था कि यहाँ पर उसका महान प्रकटीकरण होना है, कि वह एक उद्धारकर्ता होगा, कि वह आएगा और देहधारी होकर हमारे मध्य में डेरा करेगा; और वह जानता था कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएँगे, इसलिए उसने उस मेमने को जगत की उत्पत्ति से पहले ही वध किया, और जगत की उत्पत्ति से पहले ही आपके नाम मेमने की जीवन की पुस्तक में लिखे ।64इसे सुनिए! पहले से चुने जाना अथवा पहले से ठहराया जाना पूर्वज्ञान की ओर दृष्टि डालता है; मेरा अभिप्राय है कि ‘चुना जाना पूर्वज्ञान की ओर दृष्टि लगाता है । ‘चुना जाना’ पीछे की ओर दृष्टि डालकर पूर्वज्ञान देखता है और पूर्वज्ञान गन्तव्य स्थान पर दृष्टि डालता है। आप इसे न भूलें, कि चुना जाना’ पीछे इस पर दृष्टि डालता है, और कहता है, ”मैं तो एक ऊँटकटारा था। मैं तो पाप में जन्मा, अधर्म में बड़ा हुआ और झूठ बोलते हुए संसार में आया, और पापियों के बीच उत्पन्न हुआ; मेरे पिता और माता पापी थे, मेरा सम्पूर्ण परिवार पापी था। परन्तु एकाएक मैं गेहूँ का दाना बन गया। यह कैसे हुआ था ?” यह क्या है ? यह चुनाव है, यह चुना जाना है। परमेश्वर ने जगत की उत्पत्ति से पहले ही यह चुना कि वह ऊँटकटारा गेहूँ का दाना बनेगा। “अब मैं जानता हूँ कि मैं गेहूँ का दाना हूँ; क्योंकि मेरा उद्धार हो चुका है। मैं यह कैसे करता हूँ ?” वह पीछे हृष्टि लगाता है और देखता है कि वह तो इसके लिए बहुत पहले ही ठहराया जा चुका था। अपने पूर्वज्ञान के द्वारा परमेश्वर ने देखा था कि मैं उससे प्रेम करुँगा, अत: उसने अपने निज पुत्र के द्वारा प्रायश्चित का मार्ग बनाया, कि उसके द्वारा मैं ऊँटकटारे से गेहूँ का दाना बन जाऊँ। ”अब मैं कहाँ पर हूँ ?’

मेरा उद्धार हो चुका है, मैं परमेश्वर के अनुग्रह में चल रहा हूँ। “पहले से चुना जाना क्या देखता है?” गन्तव्य अर्थात् मंजिल ! ”वह मुझे कहाँ ले जाएगा, और मैं कहाँ जाऊँगा!?” आपके साथ ऐसा ही हुआ है। आप ऐसी ही स्थिति में हैं।65अब, आइए हम इसे थोड़ा सा और पढ़ते हैं और फिर हम जल्द ही इसका समापन करेंगे ।जैसा उसने हमें जगतकी उत्पत्तिसे पहले उसमें चुन लिया,कि हम उसके निकट प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों। ….यीशु मसीह के द्वारा लेपालक पुत्र हो…और अपनी इच्छा की सुमति के अनुसार हमें अपने लिए पहले से ठहराया, कि यीशु मसीह के द्वारा हम उसके लेपाल पुत्र हो ।उसने क्या किया था? उसने अपने पूर्वज्ञान के द्वारा हमें पहले से ही देखा था; वह जानता था कि वह उद्धारकर्ता होगा, वह स्वयं विद्यमान होगा। तब कोई स्वर्गदूत नहीं था; तब कोई नहीं था; केवल परमेश्वर, एलेह, एलोहीम, वह जो स्वयं विद्यमान था, कोई और नहीं केवल वही था; परन्तु उसके अन्दर एक उद्धारकर्ता था। ठीक है, वह किसका उद्धार करने जा रहा था, जब तक कि कोई नाश ही न हुआ हो ? वह यह जानता था; वह जानता था कि वह महान गुण जो उसके अन्दर है। किसी ऐसे को उत्पन्न करेगा जिसका वह उद्धार कर सके। तब जब उसने ऐसा किया था, तो उसने अपने पूर्वज्ञान के व्दारा नीचे दृष्टि डाली थी और उसने उस हर एक व्यक्ति को जो इसे ग्रहण करेगा देख लिया था । और तब ऐसा करते हुए उसने यह कहा था, “किसी का उद्धार करने के लिए …मैं केवल एक ही तरीके से उद्धार कर सकता हूँ, कि मैं स्वयं नीचे आऊँगा, और देहधारी होऊँगा, और मनुष्य के पापों को अपने ऊपर ले लूँगा, और उसके लिए मरूँगा, ताकि मैं वह हो सकें जिसकी आराधना की जाए”। वह परमेश्वर है, और परमेश्वर आराधना का पात्र होता है।

66फिर वह नीचे आया, और उसने आपके पाप अपने ऊपर ले लिए और जबकि उसने ऐसा किया; उसने ऐसा इसलिए किया था ताकि वह आपका जो यह चाहते थे कि आपका उद्धार हो; उद्धार कर सके। क्या आप समझे कि मेरे कहने का क्या अभिप्राय है? वह अनन्त परमेश्वर जो सब कुछ जानता है, उसने अपने पूर्वज्ञान के द्वारा वह मेमना देखा, और उस मेमने को जगत की उत्पत्ति से पहले ही वध किया, और उसने आपका नाम मेमने के जीवन की पुस्तक में लिखा और उसने शैतान की धोखेबाजी देख ली थी, उसने देख लिया था कि वह क्या करेगा। अतः उसने आपका नाम उस पुस्तक में लिखा और उसने कहा था कि मसीह विरोधी इतना धर्मी, इतना भला, इतना सज्जन, इतना तेज़ तर्रार, इतनी अधिक समानता में होगा, कि यदि हो सके तो चुने हुओंको भरमा दे। परन्तु उन्हें भरमाना असम्भव है, क्योंकि उनके नाम तो जगत की उत्पत्ति से पहले ही ठहराए हुए हैं। चुने जाने के द्वारा ही उसने उन्हें चुना, और वे पहले से ठहराए जाने के द्वारा जानते हैं कि वे कहाँ जा रहे हैं ।67अब इस पर कौन सन्देह कर सकता है? यही है वह जो पौलुस ने कहा था । यही पौलुस का वचन है। यही पौलुस का लेख है। यही है वह जो उसने अपनी कलीसिया को बताया। जगत की उत्पत्ति से पहले ही कलीसिया को उसके यथास्थान पर सुव्यवस्थिति कर दिया गया था। जब परमेश्वर अपनी प्रसव पीड़ा के अन्दर आपको उत्पन्न कर रहा था,

तो वह जानता था कि आप क्या करेंगे; और उसने आपको अपनी देह में स्थानानुसार आपके यथास्थान पर रखा, कि आप एक घरेलू कामकाजी पत्नी हों, आप एक किसान हों, आप एक प्रचारक हों, आप एक भविष्यद्वक्ता हों, आप यह हों, या आप वह हों। उसने स्थानानुसार आपको यथा स्थान पर रखा है। फिर जब हम मिस्र के लहुसुन की भूमि से निकलकर बाहर आए हैं, तो फिर हम पवित्रकरण से होकर गुजरते हैं, और फिर प्रतिज्ञा किए देश में बपतिस्मा लेते हैं — क्योंकि, परमेश्वर की प्रतिज्ञा पवित्रआत्मा है। इफिसियों 4:30 में कहा गया है, “परमेश्वर के पवित्रआत्मा को शोकित मत करो जिससे तुम पर छुटकारे के दिन के लिए छाप की गई है।” फिर जब से परमेश्वर ने पहले से ही कलीसिया को ठहराया, उसने कहा था, ”और बहुत से लोग होंगे, लाखों लाख होंगे जो कि बहुत धार्मिकता में चलेंगे और भरमाए जाएँगे ।” केवल वहीं भरमाए में न आएँगे जो प्रतिज्ञा किए देश में प्रवेश कर चुके हैं, जिनके नाम जगत की उत्पत्ति से पहले ही मेमने की जीवन की पुस्तक में लिखे हुए हैं; और प्रतिज्ञा किए देश के अन्दर आते हैं और इसका आनन्द ले रहे हैं।68बहुत से लोग डरते हैं कि आप हास्यप्रद तरीके से व्यवहार करेंगे। लोग डरते हैं, कि पवित्रआत्मा आप से कुछ ऐसा कराएगा, कि आप आपलोगों से शर्माएँगे। बहुत से लोग डरते हैं कि वे रोएँगे, और उनकी प्रियतमा या उनकी माँ या उनका पड़ोसी या उनका बॉस उन्हें रोते हुए देखेगा ।अब इससे पहले कि मैं इसे समाप्त करुँ, मैं आपको उस एक व्यक्ति के विषय में जो कभी हुआ था बताऊँगा। एक व्यक्ति था जिसका नाम दाऊद था,

और जब परमेश्वर का सन्दूक पलिश्तीन में था और उसे वहाँ से लाया जाता है, तो उसे एक बैलगाड़ी पर रखकर लाया जाता है, और एक बूढ़ा बैल उस गाड़ी को खींच रहा था, जब दाऊद ने देखा कि वह गाड़ी आ रही है, तो तब उसने एक छोटा सा अंगरखा पहना हुआ था, वह दौड़ता हुआ जाता है, उसने अपना पाँव हवा में उछाला, और नाचा और चारों ओर उछला-कूदा और चीखा- चिल्लाया, और उछला और नाचा । और वह इस्राएल का राजा था! और उसकी पत्नी ने खिड़की में से झाँककर उसे अनोखे व्यवहार करते हुए देखा और उसने उसकी निन्दा की। क्यों, उस ने यह न कहा होगा, “वह पागल! उसे वहाँ बाहर देखो वह कैसे आचरण कर रहा है, अपने पाँव को हवा में उछाल रहा है और चारों ओर उछल कूद रहा है, और वैसे कार्य कलाप कर रहा है। क्यों, वह निश्चय ही पगला है।” और उस रात्रि जब वह अन्दर आता है, तो उसने उससे इस प्रकार के शब्द कहे होंगे, ”अच्छा, तुमने तो मुझे लज्जित कर दिया है। क्यों, तुम एक राजा, मेरे पति; वहाँ बाहर उस प्रकार कर रहे थे, उस प्रकार व्यवहार कर रहे थे !

“दाऊद ने कहा, “कल मैं वैसा इससे भी अच्छी तरीके से करुँगा। जी हाँ, श्रीमान !” उसने कहा, ”क्या तू नहीं जानती है कि मैं अपने प्रभु के लिए ही नाच रहा था ?” वह पार उतर चुका था। वह प्रतिज्ञा के देश के अन्दर था । वह अपने सभी तौर तरीके, और दुनिया की छाप छोड़ चुका था। वह तो यह जानकर कि सन्दूक उसके अपने नगर में आ रहा है अत्यधिक आनन्दित था ।69ओह, मैं आपको बताता हूँ कि कुछ लोग तो पवित्र आत्मा पाने से डरते हैं, वे डरते हैं कि हो सकता है कि वे अन्य- अन्य भाषा बोलें। वे इस बात से डरते हैं कि कोई कहेगा, “अब देखो, वह अन्यान्य भाषा बोलनेवाले लोगों में से एक है।” वे कलीसिया में आने और यीशु मसीह के नाम से बपतिस्मा लेने से डरते हैं, क्योंकि वे इससे शर्माते हैं। ओह!किसी ने मुझसे कहा था, कि मुझे अपने टेपों को रद्द करना होगा – उन्हें वापस लेना होगा; क्योंकि मैंने यीशु मसीह के नाम के बपतिस्मे के ऊपर बहुत अधिक प्रचार किया है। मैं उन्हें रद्द नहीं कर रहा हूँ, वरन मैं तो और अधिक टेप बना रहा हूँ। यह सच है, यह सही बात है, मैं तो और अधिक टेप बना रहा हूँ! यह पवित्रशास्त्र में लिखा है। यदि लोग वह नहीं चाहते हैं जो हमने अतीत में किया था, तो आप देखें कि हम भविष्य में क्या करने जा रहे हैं। यही वह काम है जो करना है, देखिए यही वह काम है जो हमें करते रहना है। इसका कोई अन्त नहीं है, क्योंकि यह प्रभु का ही काम है। यह तो परमेश्वर का ही काम है।70क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर ने क्या किया था? परमेश्वर ने स्वर्ग से बाहर झाँककर नीचे देखा, और कहा, ”दाऊद, तू मेरे मन के अनुसार है ।” दाऊद शर्मिन्दा नहीं था । वह तो प्रभु का दास था । वह तो प्रभु से प्रेम करता था और वह इतना अधिक प्रसन्न था – वह इतना आनन्द- विभोर था कि उसने मानव प्रतिष्ठता के विषय में कुछ नहीं सोचा था ।आप देखिए, जैसा कि मैंने इस सुबह अपने सन्देश में कहा था, कि हम इतने अधिक डरे हुए हैं, कि हम चाहते हैं कि शाऊल हमें शिक्षा दे, हम चाहते हैं कि किसी धार्मिक शिक्षण संस्थान से कोई शाऊल आकर हमें बताए, कि हमें अपना धर्म कैसे करना चाहिए और हमें इसे कैसे करना चाहिए। ऐसा तो यरदन के दूसरी ओर ही होता है। इस ओर, तो पवित्र आत्मा ही अगुवाई करता है। इस पार तो आप उस भ्रष्टता’ वगन्दगी से बाहर हैं। इस पार आप इस बात की चिन्ता नहीं करते हैं कि वे क्या सोचते हैं।

यहाँ इस पार आप मृत हैं और आपका जीवन मसीह के अन्दर छिपा हुआ है…और उस पर पवित्र आत्मा की छाप हो चुकी है। आप चिन्ता नहीं करते हैं । आप तो कनान में रह रहे हैं। आप एक अच्छी फसल के जैसे खड़े हो सकते हैं। आप तो मसीह यीशु में एक नई सृष्टि हैं। आप तो प्रतिज्ञाा किए देश के लिए प्रतिज्ञाबद्ध हैं।71भाई कोलिन्स, मैं सामने खड़े हुए अपनी पहली सभा स्मरण करता हूँ; जो लगभग तीस वर्ष पूर्व यहाँ पर तब हुई थी जब यह गिरजा बना भी नहीं था; यहाँ कोने में तम्बू में मेरी एक छोटी सी सभा हुई थी । तब भी मैं ठीक इसी सुसमाचार का; ठीक इन्हीं बातों का; मसीह के न खोजे जानेवाले वैभव का, यीशु मसीह के नाम में बपतिस्मे का प्रचार कर रहा था, और प्रत्येक वचन के सच्चे होने का विश्वास कर रहा था। मैं तब पवित्र आत्मा का बपतिस्मा; दिव्य चंगाई, परमेश्वर की सामर्थ ठीक वैसे ही प्रचार रहा था, जैसे मैं इस समय प्रचार रहा हूँ; मैं कदापि इससे, एक इंच भी इधर- उधर नहीं हुआ हूँ। परमेश्वर ने इसे मुझ पर और अधिक प्रकट किया है, मैं बस इसे आगे लेकर आता रहा हूँ। वह मुझे उससे कभी दूर नहीं ले गया जो मैं प्रचार कर चुका हूँ, वरन वह तो बस इसमें और अधिक जोड़ता चला गया है ।72मैं वहाँ नीचे खड़ा हुआ था, जब लगभग पाँच सौ लोग नदी के तट पर खड़े हुए गा रहे थे, “यरदन के तूफानी तट पर मैं खड़ा हुआ हूँ, और अपनी आशा भरी दृष्टि से कनान के उज्ज्वल व खुशहाल देश को देख रहा हूँ,

जहाँ मेरी सम्पत्ति पाई जाती है। जब मैं उस स्वस्थ हरे- भरे तट पर पहुँचूँगा वहाँ मैं युगानुयुग आनन्दित रहूँगा, जब मैं वहाँ पहुँचूँगा, तो मैं अपने पिता के साथ रहूँगा और युगानुयुग विश्राम करुँगा।” जब वे यह गीत गाने लगे, तो मैं एक लड़के को प्रभु यीशु मसीह के नाम में बपतिस्मा देने के लिए नदी में ले जा रहा था। मैंने कहा,”स्वर्गीयपिता, मैं इस लड़के को इसके अंगीकार के ऊपर आपके पास लेकर आता हूँ…..” उस समय मैं खुद एक लड़का सा ही था। मेरे घर पर इसकी तस्वीरें रखी हैं। मैंने कहा, “प्रभु, जब मैं इस लड़के को इसके अंगीकार के ऊपर परमेश्वर के पुत्र यीशु मसीह के नाम में बपतिस्मा देता हूँ, तो आप इसे पवित्र आत्मा से भर दें।” और लगभग उसी समय कोई चीज़ चक्रवात के रूप में आती है और वह चक्रवात में होकर नीचे को आती है, और वह उज्ज्वल व भोर का तारा वहाँ पर विराजमान था। वहाँ पर ठीक वही प्रकाश विद्यमान था जिसे आप ठीक वहाँ पर तस्वीर में देखते हैं। वह वहाँ पर खड़ा हुआ था ।73इसकी चर्चा सारे संसार भर में फैल गई थी, इसकी चर्चा कनेडा तथा चारों ओर पहुँच गई थी और उन्होंने कहा,

“एक दिव्य-अलौकिक प्रकाश एक स्थानीय बैपटिस्ट प्रचारक के ऊपर दिखाई दिया है जबकि वह बपतिस्मा दे रहा था ।”जब कुछ दिन पहले डॉक्टर लमसा मेरे पास आए, तो मैं इसके विषय में कदाचित कुछ नहीं जानता था, और वे मेरे पास एक तस्वीर लेकर आए जो इस समय वहाँ पर भाई के पास है। क्या आप के पास वह तस्वीर है? क्या आप के पास आपकी वह बाइबिल है; वह वहाँ पर थी; वह तस्वीर आपकी पुस्तक में थी? ठीक है। यह तस्वीर परमेश्वर के इब्री प्राचीन चिन्ह की थी; जो अय्यूब के दिनों में ठीक वैसा ही हुआ करता था – जबकि बाइबिल तक भी न लिखी गई थी। यह तस्वीर दर्शाती है, कि परमेश्वर अपने तीन गुणों में है, ना कि वह तीन परमेश्वरों में है। एक ही परमेश्वर तीन गुणों में है। पिता, पुत्र, और पवित्र आत्मा, परमेश्वर के वे तीन कार्य स्थल हैं जिसमें होकर वह कार्य करता है। वह तीन परमेश्वरों में नहीं है, वह तो तीन गुणों में है और वहाँ यही था।74जब इस महान व्यक्ति डाक्टर लमसा की लमसा अनुवादित बाइबिल का विमोचन हुआ तो उसने उस सुबह यही कहा था। तब मैंने उन्हें वह बताया था; मैंने उनसे पूछा था, यह किसका चिन्ह है ?“और उन्होंने कहा था, “यह परमेश्वर का प्राचीन चिन्ह है, यह परमेश्वर का इब्री में प्राचीन प्रतीक है। जिसका अर्थ है, कि एक ही परमेश्वर तीन गुणों में है।”मैंने कहा, ”जैसे पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा ?”वे रुक गए और उन्होंने कॉफी का अपना प्याला नीचे रख दिया और मुझ पर दृष्टि डाली। मैं सोचता हूँ, कि जिनै लियो, आप वहाँ पर थे और उन्होंने मुझसे पूछा था, “क्या तुम इसका विश्वास करते हो?”मैने कहा, “मैं अपने सम्पूर्ण हृदय से इसका विश्वास करता हूँ।”उन्होंने कहा, ”आई ब्रन्हम, गत रात्रि मैं आपकी सभा में खड़ा हुआ था, और मैंने हृदय के विचारों के उस प्रकटीकरण को देखा था।

मैंने इसे अमेरीका में, और अपने देश में पहले कभी नहीं देखा है।” उन्होंने कहा, “ये अमेरीकी लोग तो बाइबिल तक नहीं जानते हैं। वे तो केवल एक ही चीज़ जानते हैं और वह है उनकी नामधारी कलीसिया। वे ये तक नहीं जानते हैं कि वे कहाँ खड़े हैं।” कहा, ”वे कुछ नहीं जानते हैं।” उन्होंने कहा, “जब मैं गत रात्रि वहाँ पर खड़ा हुआ था….” कहा, “मैंने कहा… ”अब, भाई, जिनै मैं बस यह आदर व प्रेम व सदाचार सहित कहता हूँ। उन्होंने कहा, “मैंने कहा था, ‘वह तो एक भविष्यद्वक्ता होना चाहिए। परन्तु जब मैंने देखा कि आप यह विश्वास करते हैं कि पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा तीन परमेश्वर नहीं है, वरन ये तो एक ही परमेश्वर के तीन गुण हैं, तब मैंने जाना कि आप परमेश्वर के एक भविष्यद्वक्ता हैं, अन्यथा यह बात आप पर उस प्रकार से प्रकट न होती ।” उन्होंने कहा, ”यह एक सिद्ध चिह्न है ।” कहा, ”मैंने कभी नहीं ….“ और उन्होंने कहा, ”क्या आप वननस मत के वाले नहीं हैं ?”75मैंने कहा, “जी नहीं, श्रीमान ! मैं वननस मत वाले नहीं मैं वननस मत वाला नहीं हैं? मैं परमेश्वर पर विश्वास करता हूँ कि चूँ कि वह सर्व शक्तिमान परमेश्वर है अत: उसके तीन गुण केवल तीन कार्य स्थल हैं जिनमें वह एक ही परमेश्वर रहता है।”

उन्होंने कहा, “आपका हृदय आशीष पाए !” उन्होंने कहा, ”किसी दिन तुम इसके लिए पृथ्वी पर अपना लोहू बहाओगे, परन्तु भविष्यद्वक्ता सदैव ही अपने कार्य के लिए ही मरे हैं।”और मैंने कहा, “यदि यह मेरे प्रभु को प्रसन्न करता है, तो ऐसा ही होवे ।” वह लमसा अनुवादित बाइबिल है।76ओह, यह बहुत ही सत्य है। मैंने कितनी बार इस कलीसिया से ठीक वैसा ही कहा है जैसे शमूएल ने लोगों से शाऊल को चुनने से पहले कहा था, कि ”इससे पहले कि तुम बाहर निकलकर जाते हो और किसी नामधारी कलीसिया में सम्मिलित होते हो, और स्वयं अपने को किसी प्रकार के धर्म में पूरी तरह से जकड़ देते हो, क्यों नहीं तुम पवित्र आत्मा को अपनी अगुवाई करने देते हो?“ क्यों नहीं तुम परमेश्वर को अपना अगुवा होने के लिए ग्रहण करते हो, और अपनी नामधारी कलीसिया के विषय में भूल नहीं जाते हो; कि वह तुम्हें आशीष दे। अब, मैं यह नहीं कह रहा हूँ, कि आप किसी नामधारी कलीसिया के सदस्य न रहो, आप जिस किसी नामधारी कलीसिया के सदस्य रहना चाहते हैं; रहें। यह तो आपके ऊपर निर्भर करता है; परन्तु मैं तो आपको बता रहा हूँ, आप व्यक्तिगत तौर पर पवित्र आत्मा को अपनी अगुवाई करने दे। आप बाइबिल पढ़े और जो बाइबिल करने के लिए कहती है आप वही करें। परमेश्वर, आपको आशीषित करे।77और अब मैंने आपको काफी देर तक रोक कर रखा है। मैं यह देखना चाहूँगा, कि क्या कोई यहाँ पर ऐसा है जो अपने लिए प्रार्थना करवाने के लिए प्रार्थना पंक्ति में से होकर आना चाहता है। यदि कोई ऐसा है, तो क्या आप अपने हाथ ऊपर उठाएँगे । केवल एक, दो, तीन व्यक्ति ही हैं जो अपने लिए प्रार्थना करवाना चाहते हैं। ठीक है। यदि इससमय आप यहाँ आकर खड़ा होना चाहते हैं, तो आप सब यहाँ ऊपर जा जाए, और-और हम आपके लिए प्रार्थना करेंगे और इसके बाद हम …

मैं अभी आपको छोड़ना नहीं चाहता हूँ। अब इससे पहले कि हम-हम इस सभा का समापन करें, मैं यहाँ पर सार्वजनिक तौर पर कुछ और करना चाहता हूँ ।78कितनों को गलतियों की पुस्तक का अध्ययन अच्छा लगता है? ओह, मेरा अभिप्राय इफिसियों हैं? अब देखिए, बुधवार रात्रि को हम मोहर का अध्ययन करने जा रहे हैं और फिर अगले रविवार को हम कलीसिया को स्थानानुसार उसके यथास्थान पर रखने का अध्ययन करने जा रहे हैं। ओह. जो लोग यहाँ जैफरसनविले में हैं, शायद हम उनके लिए इस आनेवाले बुधवार रात्रि को इसका अध्ययन करेंगे। स्थानानुसार कलीसिया को यथास्थान पर रखना-अर्थात् प्रत्येक को वहाँ पर रखा जाना जहाँ का वह है। हमें लेपालकता के द्वारा बुलाया गया है। परमेश्वर ने हमारी पुत्र के रुप में लेपालकता की है; हम जन्म से ही पुत्र है। उसने पवित्र आत्मा के द्वारा हमारी लेपालकता की और स्थानानुसार हमें हमारे यथास्थान पर रखा। देखिए, वे सभी इब्री थे लेकिन जब उन्होंने नदी पार की, तो यहोशू ने भूमि का बँटवारा किया और हर एक को उसकी भूमि उसके अनुसार दी जैसे उनके जन्म पर उनकी माँ ने कहा था; जैसा पवित्र आत्मा ने उनकी माँ को बताया था।79और याकूब को देखिए, जब वह अन्धा भविष्यद्वक्ता मर रहा था, तो उसने अपने पाँव ऊपर पलंग पर रखे, और कहा, “हे याकूब के पुत्रों तुम यहाँ आगे आओ, मैं तुम्हें बताऊँगा कि अन्त के दिन में तुम कहाँ पर होंगे ।” ओह, मैं जानता हूँ कि मैं विचित्र लगता होऊँगा। लोग विचित्र लगते होंगे। परन्तु ओह, अगर आप बस उस आश्वासन को, उस हृदय की जलन को जानते होते। ”यहाँ आगे आओ और मैं तुम्हें बताऊँगा कि अन्त के दिनों में कहाँ होंगे।” मैं ठीक उसी वचन का लेख और इसका मान चित्र जहाँ आज यहूदी बस रहे हैं लेकर आपको यह सिद्ध कर सकता हूँ, कि वे ठीक वहीं पर हैं जो याकूब ने बताया था कि वे अन्त के दिनों में वहाँ रहेंगे और वे इससे पहले कभी वहाँ पर नहीं थे; वे जब तक 7 मई 1946 को नहीं लौटे थे तब तक वे उस स्थान पर नहीं थे। और उसी रात्रि प्रभु का वह दूत मुझे वहाँ दिखाई दिया था; और उसने मुझसे इस सेवकाई के लिए कहा था। मैं आपको दिखा सकता हूँ कि वे कब नए देश में लौटे; वे बिलकुल ठीक उसी स्थान पर पहुँचे हैं जैसा याकूब ने बताया था कि वे वहाँ पर होंगे और आज वे वहीं पर विराजमान हैं।

ओह, ओह, मेरे परमेश्वर! अब बस यही है, कि हम अपने (स्वर्गीय) घर के एक और दिन निकट हैं।80आप प्रिय लोगों, आप बीमार हैं, अन्यथा आप बस यूँ ही खड़े होने के लिए वहाँ न खड़े होते। मैं आपका भाई हूँ। परमेश्वर की ओर से मुझे बीमारों के लिए प्रार्थना करने की सेवकाई मिली है। ऐसा नहीं है….कि मेरे पास चंगा करने की सामर्थ है। मेरे पास चंगा करने की सामर्थ नहीं है ;परन्तु मेरे पास प्रार्थना की सामर्थ है। जैसा कि मैंने इस सुबह कहा था, दाऊद के पास तो और कुछ नहीं वरन एक छोटा सा गोफन ही था, परन्तु उसने कहा था, ‘मैं जानता हूँ, कि यह इस पर परमेश्वर की सामर्थ से क्या करेगा।” समझे ? मुझे तो केवल आपके लिए एक छोटी-सी प्रार्थना करनी है, और अपने हाथ आपके ऊपर रखने हैं, परन्तु मैं जानता हूँ, वह विश्वास जो मेरा परमेश्वर पर है क्या करेगा। इसने यह दूसरों के लिए किया है, यह आपके लिए भी इसे करेगा। अब जैसे- जैसे आप इस स्थान के और पास पहुँचते जाते हैं, आप विश्वास करें।81अब देखिए, मुझको विस्मय है, कि मैं इसे इतना कार्यकुशल बनाना चाहता हूँ, कि मैं यह चाहूँगा, कि मेरा भाई यहाँ आकर इनपर तेल मले। भाई नेविल, क्या आप ऐसा करेंगे? मैं कलीसिया से यह कहूँगा कि आप प्रार्थना में अपने सिर झुकाएँ ।अब स्मरण रखिए, कि जब गत सप्ताह मैं उस पुराने अरंडी के तेल के कारण बहुत अधिक बीमार था, तो मैं यह बहुत अधिक चाह रहा था कि कोई मेरे पास आकर मेरे ऊपर अपने हाथ रख देता। यदि कोई ऐसा व्यक्ति जिसे परमेश्वर ने आशीषित किया है, और उसकी सहायता की है, मेरे पास आ गया होता, तो मैं उसकी बहुत अधिक प्रशंसा करता। अब आप सभी वैसा ही अनुभव करते हैं जैसा मैंने तब अनुभव किया था। आप इस समय वैसा ही अनुभव करें कि आप मुझसे अपने लिए वैसा ही कराना चाहते हैं जैसा तब मैं चाहता था कि कोई मेरे पास आकर करें। परमेश्वर सदैव ही मुझे अपने काम से जी चुराने से रोके। चाहे मैं थका हुआ होऊँ, चाहे मैं चूर- चूर हो गया होऊँ, चाहे में अपना एक पाँव दूसरे पाँव से न हटा पा सकता होऊँ; मैं सदैव ही अपने कार्य पर जाऊँ; क्योंकि मुझे आप में से हर एक से वहाँ उस पार उस देश में फिर से भेंट करनी होगी ।

82फिर यह है, कि आप वृद्ध स्त्रियाँ और वृद्ध पुरुष, चूर चूर हो गए हैं, आपके बाल सफेद हो रहे हैं और झड़ रहे हैं, आप उस गुलाब के फूल के जैसे चूर- चूर हो रहे हैं जो अपनी छोटी सी कलिका खिलाता है, और अपनी पंखुडियाँ फैलाता है, और फिर उसकी पंखुड़ियाँ बिखर जाती हैं और नीचे गिर जाती हैं। आप बस चूर चूर हो रहे हैं, क्या आप नहीं हो रहे हैं? यह सच है। बस…आप बस केवल एक ही बात के लिए एक साथ मिलकर रुके रहना चाहते हैं, और वह है कि आप परमेश्वर की महिमा के लिए चमकें। अतः जब शैतान तुम्हें जकड़ चुका है और आपको गिरा चुका है, तो मैं परमेश्वर के गोफन के साथ, विश्वास के साथ, उस वरदान के साथ जो परमेश्वर ने मुझे दिया है आ रहा हूँ । यह वह है जो मैं कहता, ताकि आप इसे समझ जाएँ। मैं कहता, “यदि पतरस अथवा उनमें से कोई अन्दर आता।” आप यह नहीं कहते; कि तुम्हें मेरे लिए प्रार्थना नहीं करनी है। मैं बस वैसे अन्दर आता और कहता, जैसे इस स्त्री से कहता, ”क्या आप बहन फलां – फलां हैं?” आपका क्या नाम है? बहन हार्वड! कहता, “आप बहन हावर्ड हैं। बहन हार्वड, क्या आप विश्वासी हैं? क्या आप विश्वास करती हैं, क्या आप विश्वासी हैं? फिर तो आप देखिए, कि आपके पास छुटकारे की आशीषों के सभी अधिकार हैं।” इसके बाद मैंने कहा होता, ”बहन हार्वड, सब कुछ बिलकुल ठीक हो जाएगा, और वह वापस चली जाती। ओह, कैसे… मैं कहता, ”मैं चीखूँगा, मैं चिल्लाऊँगा।” मैंने कहा होता, ”प्रभु, इसे तो ऐसा ही होना है। इसे तो ऐसा ही होना है।”और मैंने सोचा था, “अच्छा; जब मैं लोगों के लिए प्रार्थना करने आता हूँ तो वे ठीक यही बात सोचते हैं। अत: यही वह बात है। क्या आप समझे कि मेरा क्या तात्पर्य है?83अनेकों बार मैं खड़ा हुआ हूँ

और मैंने लोगों को लिया है, और कहा है, “हे अमूल्य बहन, क्या आप इसका विश्वास करेंगी?” “ओह, क्या आप इसका विश्वास करेंगी?” और मैं प्रार्थना करता हूँ, “हे प्रभु परमेश्वर, उससे इसका विश्वास कराइए । उनसे इसका विश्वास कराइए ।” ”ओह, कृपया, क्या अब आप इसे ग्रहण करेंगे ?’ यह वह नहीं है जो मुझे करना है। मैं तो उससे पार हो चुका हूँ। मैं तो उससे पार हो चुका हूँ।मुझेतो बस यही कहना है, ”बहन हावर्ड, क्या आप विश्वासी हैं ?”“जी हाँ, मैं हूँ ।”“ठीक है, बहन हावर्ड, यदि आप एक विश्वासी हैं, तो आप उन सब वस्तुओं की जो परमेश्वर की हैं उत्तराधिकारी हैं।” मैं बस उसका हाथ पकडूंगा । देखिए, मैं विश्वास करता हूँ। मैं बहन हावर्ड पर हाथ रखने के द्वारा उससे सम्पर्क बनाता हूँ। यीशु ने कभी यह नहीं कहा था,कि ”उनके लिए प्रार्थना करो’, वरन उसने तो यह कहा था, कि “उनके ऊपर अपने हाथ रखना।” ऐसा ही है; तब वह चंगी हो जाती है। वह कह सकती है, सब कुछ ठीक हो जाएगा,” बहन हावर्ड फिर आप घर जा सकती हैं और चंगी हो जाएँ। परमेश्वर आपको आशीषित करे ।84तुम बहन…?बहन हैम्पटन, आप एक विश्वासी हैं, है ना? आप एकउत्तराधिकारी हैं; वे सब कुछ जो उसके पासहै। प्रभु आपके साथ हो, बहन हैम्पटन।विश्वास करो। तुम घर जा सकते हो और अब ठीक है। यीशु मसीह आपको ठीक करेगा। आमीन।तुम बहन…? स्लोघ।भाई जैक ……. आप वह महिला हैं जिस पर हमने अस्पताल के दूसरे दिन प्रार्थना कीथी। आप एक विश्वासी हैं, बहन स्लोघ,जो हमारे पास है,आप भी उसकीउत्तराधिकारी हैं। बहन स्लोघ, आप जो चाहती हैंउसे प्राप्त करे और खुश रहें। प्रभु आपको प्रदान करे।भाई जीन,आप मानते हैं कि परमेश्वर आपको चंगा करेगा?और प्रभु- प्रभु दे सकता हैं आप भाई जीन, बिल्कुल आपक्या कहते हैं …? …मैं अब तुम्हें जानता हूँ। ठीक है। आप एवंजेलिस्ट हैं, बहन। मैं आपको जानता हूँ। यह आपके पति हैं;जो वहाँ पर हैं। उस दिन मैंने फोन पर आपके लिए प्रार्थना की थी। मै हमेशा याद रखूँगा।तुलसा की सभा में नहीं जा सके। प्रार्थना सभा में आओ, और परमेश्वर आपको चंगा करेगा। उसे, और उसे प्रार्थना सभा में भेजो। आप किसीऔर के लिए उपस्थित हैं, क्या यही एक ईसाईबात नहीं है, बहन। देखो, वह अर्थात परमेश्वर हम सभी के लिए उपस्थितथा। आप एक विश्वासी हैं और परमेश्वर के किए वायदों के उत्तराधिकारी हैं। मैं उसका दासहूँ। और यीशु मसीह के नाम में; मैं जो कुछ माँगता हूँ उसे वह प्रदान करता है …? …85आओ, भाई बिल। परमेश्वर आपको आशिषित करे। आपके साथ बहुत अच्छा है वह। आप एक विश्वासी हैं; मुझे पता है आप हैं। मैं विश्वास करता हूँकि परमेश्वर आपको वह सब कुछ प्रदान करेगा जो आप चाहते हैं, क्योंकि आप एक विश्वासी हैं। और तुम्हारेदास के रूप में, मेरे भाई, आपके ह्रदय की इच्छा के अनुसार यीशु मसीहके नाम में; मैं आपको देता हूँ और आप इसे प्राप्त करें। भगवान आपका भला करे।बहन ब्रूस,मैं आपको जानता हूँ। वह छोटी नर्स जो मेरे और आपके पीछे ही हुआ करती थी। वह एकसाधारण सी दूरी पर बने मोटेल जे,जे, ट्विन जे, या ऐसा कुछ के पास रहा करती थी।

वह हमेशादूसरों के लिए उपस्थित रहतीं थी। और पिता से आप अपनी किन इच्छाओं के विषय में बातकरते है? आज रात के लिए… जब शैतान आपको झटका दे; डॉक्टर कीपहुंच से परे; परन्तु इसके बादमैं एक गुलेल के साथ आ रहाहूँ। और यीशु मसीह का नाम में गुलेल द्वारा चलाए गए तीरों को निर्देशित करता हूँ- गुर्देमें जो पत्थरी है और उसकी अवरुद्ध हालत को; और वह आपको वापस लाए …? … (देखें?)अब से, और आपकोआशिषित करे यीशु मसीह के नाम में। आमीन।86…? … हमारे पिता का नाम, महोदय। आप एक विश्वासी हैं? आप अपनी बगल में कमीं औरदर्द महसूस करते हैं; बायीं ओर … क्या आप मानते हैं कि प्रभु आपको यह दे देंगे,महोदय? और मैं आपका दास! हे प्रभु, इस हाथ ने शायद कई कठिन दिनों के काम किए हैं, यहाँएक उद्देश्य के लिए आए,कुछ करने के लिए। हे पिता अपनी इच्छाप्रकट करें जैसा कि मैंने मसीह यीशु में प्रार्थना की है, तुम्हेंप्राप्त हो। आमीन।संदेह मत करो;वह आपको चोट पहुँचाने से रोक देगा,और आप सब कुछ सही होगा। आपके भाई पर ईश्वर आशीषित करें…?…आप एक विश्वासी हैं,आप है ना? आप एक विश्वासीहैं और आप एक हैं- आप सभी चीजों के वारिस हैं इन सभी आशीषों के लिए धन्यवाद पिता, मैं इस बहन को बीच (केंद्र) में लाकर …… …

आपका ध्यान इसकी ओर लता हूँऔर मैं उसे यीशु मसीह के नाम पर दुश्मन के पंजे से वापस लाता हूँ। आमीन । यहीवह एक तरीका होगा।आप ऑपरेशन नहीं चाहती हैं। हे प्रभु, अभी इन खिलते अर्थात बढ़ते युवाओं में; यहजवान स्त्री ही यहाँ खड़ी है, मैं इसके लिएप्रार्थना करता हूँ, और वह फेफड़ाजिसे बाहर निकालना होगा, और वह चाहतीहै कि अपने बाकी के जीवन को समर्पित करे। आप हमारे पिता हो, और मैं इस की ओर आपका ध्यान आकर्षित करतेहुए प्रार्थना की सामर्थ की आग इस पर भेजता हूँ , हे प्रभु!सीधे इसके फेफड़े की ओर। मैं यह प्रार्थना यीशु मसीह के नाम पर माँगता हूँ; यह हो सकता है … … … यीशु मसीह केनाम में …? … आमीन।87तुम एक मसीह हो? बहन डर्ड …? … सिर मुझसे खींचा गया है। आप विश्वासी हैं औरआप प्रभु के द्वारा दी गई सभी आशीषों की उत्तराधिकारी हैं, बहन डर्ड। प्रभु, इस बहन को गोफन के साथ आपके पास लाता हूँ।जो आपने मुझे सोपा है। जैसे आपने दाऊद को अपने पिता की भेड़ों की देखभाल के लिए गोफनदिया, और यदि भेड़ पीछे दुश्मनआ गया, तो वह डर नहीं था; उसने वह छोटा गोफन पकड़ लिया और शेरों औरभालू के ठीक पीछे चला गया, और वह भेड़ोंको वापस ले आया। यह विश्वास की प्रार्थना है । आपने मुझे बताया कि यह लोगों को विश्वासकरने और ईमानदार होने के लिए प्राप्त हुआ है …

मैं बहन डर्ड को आज रात वापस लाताहूँ। मैं उसे शैतान के हाथों से छीनता हूँ। वह आपकी भेड़ है मैं उसे यीशु मसीह केनाम में, पिता के बाड़ेमें वापस लाता हूँ। आमीन।बहन लोवे,उच्च रक्तचाप … और आप एक विश्वासी हैं,आप हैं, बहन लोवे, आप प्रभु के द्वारा दी गई सभी आशीषों कीवारिस हैं? फिर, परमेश्वर पिता, आज रात्रि इस प्रार्थना सभा का मेरा उद्देश्य प्रभुके गोफन के द्वारा बहन लोवे के उच्च रक्तचाप को मारना है। अगली बार जब चिकित्सकरक्तचाप लेते हैं, वह देख सकताहै और कह सकता है, “अब यह सामान्यहै।” वह जान जाएगी कि यह क्या हुआ।यीशु मसीह के नाम में मैं उसे देता हूँ। आमीन।88हाँ … मैं कामना करता हूं कि आज रात मेरे पिताजी होतेतो मैं उनके लिए अभी यहाँ प्रार्थना कर सकता। मैं तुम्हारे लिए भी करुँगा। मैसमझता हूँ।स्वर्गीय पिता,वह आदमी जिसने इस बालक को जन्म दिया, कि उसकी वजहसे वह आज रात पृथ्वी पर है। और उसका अपना बेटा चाहता है कि उसके पिता वापस आए, पाप से, शराब की दुनिया से बाहर निकलने का मार्ग सुझाए। हे प्रभु, मैं सभी के साथ इस प्रार्थना को विश्वास औरताकत द्वारा आपके पास भेजता हूँ कि यह -यह छोटा कंकड (रूकावट) प्रभु के नाम में; मैंबाहर निकाल फेकता हूँ, प्रभु यीशु मसीह के नाम में। मैं इसे उस शैतान पर मार रहा हूं जिसनेइसे रखा है …? …कि… …

…वहाँ पर …? … और वह यीशु केनाम में सुरक्षित रूप से उसके बाड़े में आ जाए। आमीन। आमीन।तुम्हारी भी इच्छा है?तुम उस देश मेंआना चाहते हो जहाँ सभी वायदे हैं। अब,हे परमेश्वर , इस बालक ने अकेलेनदी के उस पार है, दूसरी ओर कैंपलगाया और जॉर्डन में चढ़ाव (River Flood) आ गया। औरउसके लिए कोई रास्ता नहीं बचा, सिवाय इसके किवह आप एक रास्ता बनाए जैसे यहोशू ने इज़राइल के लिए बनाया था। और, हे पिता, मैं आपसे दास के रूप में पूछता हूँ; हमारे बहुमूल्य भाई चलो, हे परमेश्वर, इन्हें इस वायदे किए गए देश में प्रवेशकरने दे, यह वायदा हैकि अन्य किसी रात्रि मुझे दूसरी तरफ़ ले जाया गया था… क्या मुझे यह विशेषाधिकारमिला हैउस कि उस दूसरी भूमि में आपके चारों ओर अपनी बाँहों को फैलाकर आपको गलेलगाऊ, कहा गया है, “मेरे बहुमूल्यभाई” परमेश्वर यह दान दें । यह परमेश्वर के इस वायदे को स्वीकार करते हैं। आमीन।89हे प्रभु,यह मेरा दयालु भाई है। इसके हाथ मेरे लिए सदैव ही दयालु रहें हैं, अनगिनत घंटे यह मेरे लिए खड़ा रहा है। यहविश्वास करता है और निष्ठापूर्ण है। और अब,मेरे इस दोस्त को दुश्मन अपने फंदे में कसने की कोशिश करता है, वह है मधुमेह … और वह सोचता है कि वह इसबालक को पकड़ सकता है; लेकिन मैं उसकेपीछे आ पहुँचा हूँ। मैं अपनी खुदी में वापस आता हूँ , परमेश्वर, इस चट्टान (रूकावट) को विश्वास के साथ यीशु मसीह के नाम मेंझटकता हूँ। मैं इसके इस मधुमेह से लड़ता हूँ …? …, आपनी भेड़ को अपने गल्ले में वापस लाइए, पिता! यीशु के नाम में। आमीन।एक ग्रंथि … हे परमेश्वर, हमारी बहन जानती है कि यह मोटापे से पीड़ित है, तो डॉक्टर कहता है, इसे एक चीज है जो मारती है। बीमा चार्ट केअनुसार, प्रतिवर्ष इस मोटापेको घटाना मुश्किल होता है। और यह परमेश्वर के सम्मान और प्रशंसा के लिए जीना चाहतीहै। और कोई डॉक्टर ऐसा नहीं कर सकता है, पितापरमेश्वर; यह सिर्फ आपके-हाथ में है। और बहन बेल बहुत वफादार रही है,और वह दयालु और ख्याल रखने वाली स्त्री रही हैं। यह (बहन) कई मुश्किल परीक्षाओंसे गुजर चुकीं हैं; आज रात्रि मैं इसके लिए आता हूँ, परमेश्वर, मैं यहाँ दुश्मन सेआमने- सामने मिलने आया हूँ।

लक्ष्य को बिलकुल सही साधता हूँ; प्रभु यीशु के नाममें इसी लक्ष्य को साधता हूँ। मैं विश्वास के साथ इस पत्थर को दुश्मन की ओर फेकताहूँ ताकि उसे मिले। यह उसे तितर-बितर कर सकता है; और उसे इस बहन से दूर कर दे औरइस बहन को पुनः छायादार हरी चराइयों में वापस लाए और वहाँ अब भी बहता झरना है,यीशु मसीह के द्वारा; आमीन।यह बहन बेल होगा। बस संदेह मत करो।90बहन स्पेंसर?[बहन साक्ष्य है] …? … मैं निश्चितरूप से करता हूँ बहन…? प्रभु आपकोआशीषित करे। आमीन …? … आपके प्रियजन बच गए…? … हाँ, महोदय, मैं इसके विषय में सब कुछ जानती हूँ। हम सभी इसका गवाही देतेहैं, बहन स्पेंसर, और जानते हैं कि कैसे वे और उनके भाई जेसी… किस वक्त से गुज़र रहे हैं…? यहाँ चर्च केलिए आए हैं। जब मैं दूसरी तरफ पहुँचूँगा ,तो वे इस हालत मैं नहीं होंगे;वे युवा होंगे, ओह, भाई जेसी …? … वह सब। आप सभी जानतेहैं कैसे बस थोड़ा सा …? …सोचो, तुम उस सुंदरयुवा लड़की को दोबारा वापस पाओगे, और भाई जेसीयुवा लड़के के लिए। परमेश्वर ने आपसे वायदा किया था।यहाँ आखिरी है। मुझे मिलना है … ‘क्योंकि मुझे पता है कि यह तुम्हारा छोटालड़का है, चार्ली। आपचाहते हैं कि इसके लिए प्रार्थना की जाए …?…

91मैं यह बात कहना चाहता हूँ। क्या आपने कभी पवित्रशास्त्रमें पढ़ा था जहाँ बाइबल ने यह कहा था?पौलुस ने रोमन सेनापति से कहा (क्या आप मुझे सुन सकते हैं?), रोमन को बताया कि जब वह जेल में था तो फिल्लपीने अपने आप को मारने के लिए अपनी तलवार खींच ली। और भूकंप ने जेल को हिलाकर रखदिया। उसने कहा, “प्रभु यीशुमसीह पर विश्वास करो, और तेरा औरतेरा घराना बचाया जाएगा।” क्या तुमने कभी सुना है? “आप और आपका घर…”अब देखो। अगर आपके पास पर्याप्त विश्वास है अपने उद्धार केलिए, तो क्या आपके पास अपनेबच्चे के लिए भी पर्याप्त विश्वास नहीं हो सकता है? प्रभु कुछ रास्ता … … और प्रभु, मैं आज रात बहन स्पेंसर और भाई स्पेंसर केलिए प्रार्थना करता हूँ, कि हरेक बच्चेऔर उनके बच्चे सभी उस शानदार आनंदित भूमि में होंगे जहाँ कोई बीमारी नहीं होगी औरन हीं बुढ़ापा, न कोई दुख औरन निराशा , और यहाँ यह सबअल्प जीवन जो एक दुःस्वप्न में फँसा है, जो पारित किया गया। क्या वे इसे प्राप्तकर सकते हैं, और उनके सभीबच्चे, और उनके पति, उनके सभी प्रियजन, और जो उसे प्यार करते हैं, और वह जिन्हें आप प्यार करती हैं, वे उसके साथ हो सकती है। प्रभु आपको आशीषदे, बहन। अट्ठाईस सालपुराना तुम नीचे उतर रहे हो …?… जैसे ही दुनिया पृथक हो रही है,बहन स्पेंसर।92खैर, आप बस विश्रामके लिए तैयार हैं, आप देखों …? … हर समय…? … बस-बस अपने विश्वास कोसही रखें…? …

आप पार करेंगे…? … और जैसे कि मैं यहांखड़ा हूँ बस यह सुनिश्चित है यहां…?… आज रात, बहन स्पेंसर, उसकी कृपा से मैं आपको और जेसी को सीमा केउस पार युवा औरस्वतंत्र सीमा में देखूँगा। आप सब दौड़ेंगे,चिल्लाएँगे, “मेरे भाई, मेरे भाई।” मैं आपको देखूँगा।यह उसकी नसें है। पिता परमेश्वर, इस लड़की (के हृदय) को तोड़ने का मौकामिलेगा, और उसे वहाँ पहुँचना है…? … केवल … …… क्या बाधाएँ हैं। लेकिन मैं आज रात उसके लिए आया हूँ। मैं तुम्हारे लिए आ गया, पिताजी. मैं आपसे (परमेश्वर) इसको लक्ष्य रूपमें निर्धारित करने हेतु प्रार्थना करता हूँ कि आपनी आग बरसाए। क्या यह बिल्कुलशून्य हो सकती है, क्रॉसहेयर सहीहै …? … यीशु मसीह कीनाम की यह प्रार्थना इस घबराहट पर हमला कर और इसे टुकड़ों में फाड़ सकती है, प्रभु के चरागाह की इस भेड़ को वापस ला सकतीहै। आमीन। यह अभी होना है, प्रिय…? …

स्वर्ग के परमेश्वर,अनुदान दें कि उसके छह बच्चे जिन्हें वह बचाना चाहती है … उसने ब्रदर डॉल्टनकी गवाही को सुना है, उनकी प्यारी बेटियाँ । वह अपने छह बच्चों की इच्छा रखती है, पिताजी। उन्हें सुरक्षित करें। क्या वे उसदेश में उससे मिलेंगी जहाँ रात नहीं है,सुरक्षित रूप में, संरक्षित और यीशु मसीह के खून से आश्रय दिया गया है। आमीन। आपयह पा सकती हैं, बहन, मेरी प्रार्थना है।93मेरा विश्वास है कि इसमें कोई भी मदद नहीं कर सकता है:वे उन्हें थोड़ी सी चीजें देते हैं जो ओह की तरह दिखते हैं, कुछ एसीटोमिन की तरह; इसे … कोर्टिसोन, वे कहते हैं, और वह-और वह- जो आपको लगता है कि मारता है, फिरभी तुम्हारा खून आ गया है …?… लेकिन … देखो कि गठिया शेर की तरह है जो भेड़ों को पकड़ता है और दूर चलाजाता है। अब, गोफन क्या करेगा? ओह,मेरे, शेर भेड़ केबच्चे को पाकर बड़ी गर्जना करता है। और वह भेड़ के बच्चे से प्यार करता है, तो वह भेड़ के बच्चे को लेकर भाग गया है; लेकिन दाऊद ने गोफन लिया और उसके पीछे चलागया। देखो, अब देखो। उसकेपास पांच पत्थर थे: वि-श-वा-स,खुद पर- के अन्दर। उसकी गुलेल इस हाथ में थी: J-e-s-u-s (यीशु मसीह)। वह एक मृत शॉट है। कुछ अवश्यहोगा; इस प्रार्थना के साथ आजरात उस गठिया के पीछे चलो, परमेश्वर होसकता है , यह आपको दे।वह नाम (प्रभु के नाम) में बपतिस्मा लेना चाहती है … आपउससे बपतिस्मा लेना चाहती हैं …?धन्यवाद; बहन। ऐसा नहीं है क्योंकि यह वही तरीका है …? … ऐसा इसलिए नहीं हैक्योंकि … अब, यदि यहबाइबिल में था पिता, पुत्र और पवित्रआत्मा के लिए, मैंने उस परविश्वास किया और आप इसके साथ सही रहे। देखा। मैं-मैं अलग नहीं होना चाहता। मैं-मैंचाहता हूँ कि … … … मैं नहीं चाहते हुएभी …मैं इसके लिए जिम्मेदार होने जारहा हूँ। आप समझ सकते हैं? और मुझे यहीवह तरीका लगता है यह कहता है, अलग नहीं होना, बल्कि ईमानदार होना

।94अब, पिताजी, हम उसके प्रियजनों के लिए आते हैं। उसेगठिया है और यहाँ वह चाहती है कि वह प्रभु यीशु के नाम पर बपतिस्मा ले, क्योंकि वह प्रवेश द्वार है; वह खुला द्वार है। यही वह जगह है जहाँयहोशू ने एक मार्ग खोला जो वायदा किए गए देश में पार हो गया। कोई दो या तीन स्थानखोले नहीं गए; सिर्फ एक था।पीटर, पेंटेकोस्ट केदिन, जब पहले चर्च का उद्घाटनहुआ, उसने एक रास्ता खोला, कहा,“आप में से प्रत्येक पश्चाताप करे,और यीशु मसीह के नाम पर बपतिस्मा लें।”उन्होंने कभी भी उस मार्ग से भिन्नतानहीं दर्शाइ; प्रत्येक वायदाकिए गए देश में पार हो गया। उनमें से कुछ एक किसी ओर नदी के पार उतरने की कोशिश कररहे थे, और पौलुस ने उनसे कहा, “तुमने क्या बपतिस्मालिया? आप इसे पार करने कीकोशिश कहाँ कर रहे हैं? ”और उन्होंनेकहा,“ नीचे जहाँ जॉनने दिखाया।”और उन्होंने कहा,“ नीचे जहाँ जॉन ने दिखाया।”उसने कहा,“ठीक है, जॉन ने केवलसमय और स्थान की ओर इशारा किया।” और फिर जब उन्होंने यह सुना, तो उन्होंने सही नदी पर बपतिस्मा लिया, और वे … … आत्मा जीवन को पा गई।हमारी बहन और उसके प्रियजनों को यह प्रदान हो, प्रभु यीशुमसीह के नाम में। आमीन।95भाई लायल … ओह … हाँ …? … वहऔर वह ही दृष्टि जो देता है …? … हालांकि यह खत्म हो गयाहै। परमेश्वर आपको आशीष दे। आप अब वादा किए गए देश की मार्ग पर हैं, भाई …? …इस कलीसिया की पुष्टि करने से पहले कितने लोगों को याद हैऔर एक दिन मैं, एक आदमी के साथ मछली पकड़ने गया था एक नदी, एक झील? और मैं छोटी मछलियाँ पकड़ रहा था, और पवित्र आत्मा मुझ पर उतरा। वहाँ पर …यह आदमी एक यहोवा साक्षी रहा, था। यहाँ कहींउनके भाई, बैंक वुड। वहयहाँ कहीं है, जो मेरेपड़ोसी है। यह लायल है। और ये लोग यहोवा साक्षी थे।

और उन्होंने कहा एक दिन इसलड़के को परिवर्तित करने के बाद हम वहाँ मछली पकड़ने जाएँगे , मैंने उससे कहा कि उनके जीवन में कुछ था, और जो कुछ हुआ, और उसके बारे में सब कुछ, उसने अभी मुझे बताया, और उसने अभी उसे अपने जीवन से बाहर कर दियाहै । ये सही है। प्रभु की स्तुति होवे। यह बिल्कुल सही है। उनके पिता एक पाठक थे।क्या … … भवन में है? और वह और उनकीपत्नी दोनों ने यहाँ पूल में यीशु मसीह के नाम में गवाह के रूप में बपतिस्मा लियाथा। और इस मनुष्य को उसके द्वारा स्थापित किया गया था। मेरे भाइयों96बैंक,तुम कहाँ हो? क्या वह अंदर है? कोने में वापस आओ। हाँ। और हम मछली पकड़ रहे थे। और भाई, मेरा छोटा लड़का मारा गया था … मैंने सोचा था कि वह कुछ दिन पहले उस बिल्ली के बच्चे को मार डालेगा। एक छोटी बूढ़ी मां कीबिल्ली के छोटे बच्चे का समूह था और वह उन्हें उठाकर उन्हें छोड़ देता था। औरमैंने सोचा … और मैंने कहा, एक दिन पहले “परमेश्वर इस तुच्छ से जीवनको उठाने जा रहे हैं। क्या यह सही है,लायल? ठंड में बाहरखड़े हो जाओ।

और मैंने कहा,”यही परमेश्वर द्वारा कहा हुआ वचन है।“और हमने सारी रात काम किया और कुछ भी पकड़ा नहीं। अगली सुबह, हम कुछ ब्लूगिल के लिए छोटे से तालाब मेंवापस मछली पकड़ रहे थे; वे छोटी मछलीहै। और भाई लायल के पास एक बड़ी छड़ थी,और उसने ब्लूगिल को उसके बड़े हुक को थोड़ा निगलने दिया, जब तक कि वह उसे किनारे पर बाहर खींच नहींलेता, तब तक बड़ा हुक छोटे ब्लूगिल के पेट में था। और जब उसने उसे बाहर खींच लिया, उसे बस इसे पाने के लिए छोटी ब्लूगिल के प्रवेशऔर अन्य सभी चीजों को खींचना पड़ा और बस इसे बाहर खींच लिया,क्योंकि मछली के पेट में बड़ा हुक अटक गयाथा। और जब उसने ऐसा किया, तो उसने उसेपानी पर फेंक दिया, और वह सिर्फचार या पांच बार तड़पी , और वह थी; क्योंकि उसके प्रवेश द्वार और गिल उसकेमुंह से लटक रहे थे। और वह वहां लगभग आधे घंटे तक तैरती रही, झाड़ियों में वापस चली गई।97और मैं वहाँ मछली पकड़ने की तैयारी कर रहा था, और अचानक पवित्र आत्मा आई, उसने कहा, “उस मछली से बात करो।”मैंने कहा,“प्यारी छोटी मछली, यीशु मसीह आपको आपका जीवन वापस देता है,”

और वह छोटी मछली, जो पानी परमृत सी पड़ी थी, वह अपनी ओर पलटी और चली गई और जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी पानी में बाहर निकल गई।भाई लायल,भाई वुड यहाँ मौजूद है। भाई लायल ने कहा,“भाई ब्रह्न्म, वह मेरे लिए था क्योंकि मैंने कहा छोटी (प्यारी) …?… कहा,” मैं-मैं नहीं हूँ…?“ उन्होंने कहा, उसके अन्तरंग उससे बाहर निकल दिए और उसे वहां फेंक दिया, कहा, ”आपने अपने आखिरी समूहको, छोटे साथी को गोली मारदी,“ बस इसी तरह उसे फेंक दिया, उसने कहा, ”यह मतलब था।“और मैंने कहा,“नहीं, भाई लायल, वह नहीं था।”भाई बैंक ने वहाँ कहा,“इस दुनिया में कितने लोग, कितने हजारों, वहाँ खड़े रहना पसंद करेंगे, जहाँ हम अभी खड़े होकर, परमेश्वर की शक्ति को देखने और ऐसा कुछकरने के लिए?” दूसरे शब्दोंमें, यह ऐसा है … मेरा मानना है कि हम सभी ने पीटर (पतरस) की तरह महसूस किया हो, “यहाँ होना अच्छा है।चलो तीन तम्बू बनाते हैं। ”यह सही है।98अब, भाई लायल, अब आप पवित्र आत्मा के अभिषिक्त हैं। आपने मिस्र छोड़ा है; लहसुन के बर्तन और दुनिया की गंदगी पीछे छोड़ दी है। अब आप जॉर्डन नदी पर खड़े हैं, केवल आश्चर्य से। परमेश्वर आपको ले जा सकता हैं।सर्व शक्तिमान ईश्वर,यह आपकी विजय है। वह निश्चित रूप से भयानक परेशानी में रहा होगा, परमेश्वर, लेकिन मेरा दिल उसी में लगा गया है। हमारी प्रार्थनाओं ने बस बहुत ठंडा झटका लगाया, क्योंकि उस चीज से उसे पकड़ लिया था। उसे तोड़ दिया गया है,

और अब वह जॉर्डन में घूम रहा है। उसे वादा किए गए देश मेंले जाए, परमेश्वर, और लोगों के बीच उसे सील करें, कि उस शानदार दिन पर जब हम मिलेंगे, तो क्या मैं उसकी बाहों की गर्मी महसूस कर सकता हाल्लिलूय्याह, “मेरे बहुमूल्यभाई।” और मुझे पता है …?… बैंक को उसके साथ लाओ, परमेश्वर, क्या आप? पिताजी,माँ, और वह सभी, बहन,और वह महान परिवार। हम सब लोग वहाँ मिलेंगे, परमेश्वर,और उनमें से हर एक पवित्र आत्मा से भरा होगा। मैं यीशु के नाम में प्रार्थनाकरता हूं। आमीन।आप इसे प्राप्त करेंगे, भाई। परमेश्वर आपको आशीषित करे । जी हाँ भाई…?…99कोई लंबी दूरी पर मर रहा है ; तब तक मैंसेवा को भाई नेविल के हाथ में दूँगा …?…[भाई नेविल बोलतेहैं और मंडली को अंतिम प्रार्थना में ले जाते हैं। भाई ब्रैनहम लौटते है और बोलते हैं]एक युवा प्रचारक प्राणहीन होकर वेदी पर गिर गया …? … तो हमने विश्वास रूपी चट्टानको भेज दिया …? … आज रात यह दान …? … वह एक अत्युत्तम सेवक था, क्योंकि मैं उसके पीछे प्रार्थना भेजता हूं , यीशु मसीह के नाम में …? … वह समय है जब उसकीनाड़ी (pulse) …? … उससे चली गई(प्राणहीन) …? … उसकी नाड़ी (pulse)…? … उसकी आँखें उसकेसर पर स्थिर हो गई …? … वेदी पर गिर गया …? …यह अभी भी खुला है?क्या मैं आपका ध्यान पा सकता हूँ?…? … एक युवा प्रचारक, इंडियाना मेंएक उपदेश प्रचार कर रहा था, लगभग एक घंटेपहले वह वेदी पर मृत हो गया, जबकि वहप्रचार कर रहा था, और वेदी परप्राणहीन हो गया,

एक प्रसिद्धसुसमाचार प्रचारक, यहां इंडियानामें प्रचार कर रहा था। तभी पादरी आ गया और मुझे बुलाया गया। आत्मा के अभिषेक केतहत प्रचार करते समय वह मृत हो गया, वह गिरा, उसकी आंखें स्थिर हो गईं, उसके प्राणों ने उसे छोड़ दिया। उसे मृत घोषित किया गया, एक घंटे के लिए मृत पड़ा रहा। और कुछ ने कलीसियाको बुलाया और मुझे प्रार्थना करने के लिए कहा। इसलिए मैंने उसे प्रभु यीशु के नामपर वापस लाने के लिए प्रार्थना करी।क्या आप विश्वास से मेरे साथ जुड़ सकते हैं, कि वह लक्ष्य को भूलेगा नहीं , लेकिन …? … और उसे वापस लाएगा। धन्यवाद। जब तक मैं आपको बुधवार की रातनहीं देखता तब तक परमेश्वर [टेप में रिक्त स्थान] के साथ रहें।और आप सभी जॉर्जिया और आसपास के लोग, को अलविदा। परमेश्वर आपकेसाथ हो। भाई पादरी…[भाई ब्रह्न्म दूसरों सेकुछ कहते और प्रार्थना करते है] … और मैं यह पेशकश करता हूँ …? … यीशु मसीह के नाम में।आमीन …? … [शब्द बहुत स्पष्ट नहींहैं] क्या यहाँ सब एक साथ हैं? …? … [भाई ब्रह्न्म लोगों को धन्यवाद देते हैं] कार्ड के लिए धन्यवाद। आपसे मिलकरखुशी हुई जो यहाँ उपस्थित हैं …? … आपको देखकर बहुत अच्छा लगा …? ओह, क्या यह सही है? [शब्द बहुत स्पष्ट नहींहैं] …? … आपको देखकर बहुत अच्छालगा। आप कैसे हैं? कैसे हो भाई? हाँ, मैं … क्या कहता हूँ? कोई बात नहीं। अति उत्तम।अब, उन्हें एक विशेष जगह मिली…? … क्या तुम आज सुबह हो? …? अच्छा। मैं बहुत खुश हूँ।यह वास्तव में अच्छी बहन है …? परमेश्वर आपको और आपके पति और छोटे बच्चों को आशीषित करे। अलविदा प्रियो। परमेश्वरआपको आशीषित करे प्रिय। धन्यवाद श्रीमान, धन्यवाद। मुझे बहुत खुशी है कि तुम यहाँ थे। आपके साथरहने और आपके साथ अराधना करने का आनंद लिया …?